नई कमेटी के गठन के साथ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसो के विवाद का पटाक्षेप
1 min read
सर्व सम्म्मति से अध्यक्ष अनिल, सचिव रंजीत व कोषाध्यक्ष के रूप में श्रीपति रंजन जेना चुने गये
राउरकेला। शहर समेत सम्पूर्ण सुंदरगढ़ जिले के दवा विक्रेताओं के प्रतिनिधि संगठन सुंदरगढ़ डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की नई कमेटी आम सहमति से गठन हो जाने के साथ ही संगठन पर वर्चस्व को लेकर चल रहा विवाद के पटाक्षेप हो जाने की चर्चा संगठन के सदस्यों के बीच हो रही है। संगठन का विवाद खत्म हुआ या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा,लेकिन वतर्मान में दोनों गुटों ने पखवाड़े भर की रस्सा कस्सी के बाद आम सहमति से तीन साल के नई कमेटी गठन कर लिया, जिसकी खुशी सबको है।
चुनाव अधिकारी के रूप यूसीडीए के ऋषि केश मिश्र की अगुवाई में एसोसिएशन के सदस्यों की हुई बैठक में चुनाव की औपचारिकता पूरी की गई,जिसमें सर्व सम्म्मति से नई कमेटी का चुनाव हुआ, जिसमें ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में अनिल अग्रवाल, सचिव के रूप में रंजीत कुमार विश्वाल, कोषाध्यक्ष के रूप में श्रीपति रंजन जेना को चुना गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में तीन वर्षीय कमेटी के गठन के बाद एक पक्ष पर दूसरे पक्ष ने गैर कानूनी तरीके से संगठन पर कब्जा जमा लेने का आरोप लगाया और मामला कोर्ट पहुँच गया,कोर्ट के हस्तक्षेप से दोनों पक्ष में से कोई पक्ष काम नहीं कर सका और तीन साल का संगठन का कार्यालय विवादों से घिरा रहा। तीन साल पूरा होने पर सितंबर के प्रथम सप्ताह में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की नई कमेटी के चुनाव को लेकर कोयलनगर जग्गनाथ मंदिर में बैठक हुई,जिसमें चुनाव में मतदान के लिये बने वोटरलिस्ट के एक पक्ष के पास रहने और दूसरा पक्ष को इसे नहीं देने से मंदिर में बैठक के बीच ही छीना झपटी और हाथापाई हो गई। दोनों पक्षों में मारपीट होने का मामला थाना पहुंचा, लेकिन संगठन के कुछ वरीय सदस्यों ने सुलह की पहल की और यहीं से विवाद का पटाक्षेप शुरू हुआ। आखिर कर आम सहमति से दोनों पक्षों ने अपने अपने उम्मीदवार के नाम अध्यक्ष व सचिव पद बढ़ाया और शनिवार को यूसीडीए के पदाधिकारियों की उपस्थिति में वर्ष 2019-2022 के लिये नई कमेटी के गठन की औपचारिकता पूरी कर दी गई, इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच के विवाद का पटाक्षेप हो गया।