राज्य स्तरीय बेबिनार में शिक्षक संतोष कुमार तारक हुये सम्मानित
- हमारे नायक – सफरनामा राज्य स्तरीय वेबिनार में प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला एवं संचालक जितेन्द्र शुक्ला ने किया हमारे नायकों के कार्यों की सराहना
- रामकृष्ण ध्रुव गरियाबंद
मैनपुर(गरियाबंद)। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुहंर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम हमारे नायक को दिनाँक 24 मई 2021 को शुरू हुए पूरे एक वर्ष पूर्ण हो गये है। विगत एक वर्ष से हमारे नायक में अलग – अलग थीम पर वास्तव में नायक के रूप में जमीनी स्तर पर चुपचाप बिना किसी तामझाम के काम कर रहे शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में दिनाँक 25/05/2021 को समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा हमारे नायक – सफरनामा (शानदार एक साल) हमारे नायकों की कहानी उन्हीं की जुबानी नाम से राज्य स्तरीय वेबिनार का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष में हमारे नायक में अलग – अलग थीम पर चयनित कुछ चुनिंदा शिक्षक और अधिकारियों को अपने अब तक के सफर,अनुभव और आगामी शिक्षा सत्र में बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने की रणनीति को साझा करने का अवसर प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसके मुख्य अतिथि के रूप में स्वयं स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला एवं लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक जितेन्द्र शुक्ला रहे ।

इसके साथ ही समग्र शिक्षा के सहायक संचालक डॉ.एम.सुधीश और साक्षरता मिशन के सहायक संचालक एवं पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के राज्य मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हमारे नायकों के अब तक के सफर को सुनने के बाद डॉ. आलोक शुक्ला ने अपने हमारे नायकों को छत्तीसगढ़ के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में संबोधित कहते हुए अपने उद्बोधन की शुरुआत की, उन्होंने कहा कि आपदा को अवसर बनाने की इच्छा सभी के मन में होनी चाहिए । कोरोना जैसे विषम परिस्थितियों में भी हमारे प्रदेश के शिक्षकों ने बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए अपना शत प्रतिशत योगदान दिया ।
विगत वर्ष भर में बहुत सारे शिक्षकों ने ऑनलाइन अध्यापन एवं अपने नवाचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़े रखने का भरपूर प्रयास किया । अभी भी स्थितियां पिछले वर्ष जैसे ही बनी हुई है। विद्यालयों के फिर से संचालन कर पाने की दुविधा को देखते हुए आगामी सत्र को औपचारिक और व्यवस्थित तरीके से बनाए जाने का विचार है । आशा है कि इस वर्ष भी शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से बच्चों से जुड़े रहेंगे । इस सत्र को बेहतर बनाने हेतु माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ओपन स्कूल के तर्ज पर वर्चुअल स्कूल की तैयारी कर रहा है,जिसमें विद्यार्थी भौतिक स्कूल जैसा कक्षा अध्यापन कर सकेंगे । इस हेतु पुस्तकों का वितरण विद्यार्थियों को समय रहते कर दिया जाएगा । जून के प्रथम सप्ताह तक इसकी तैयारी की जाने की योजना है । जिससे बच्चे अपना कोर्स पूरा कर अध्यापन कार्य करें और अंत में एक आकलन या परीक्षा के माध्यम से ही उन्हें परीक्षा परिणाम प्रदान किया जा सके । वर्चुअल स्कूल की तैयारी हेतु अतिशीघ्र वेबीनार के जरिए सभी जिलों को सूचना प्रदान की जाएगी । डॉ. शुक्ला ने सभी शिक्षकों और नायकों को आगामी सत्र में और बेहतर तैयारी के साथ कार्य करने की आशा के साथ शुभकामनाएं दी है । इसी कड़ी में लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला ने काफी ने हमारे नायकों के सफर को सुनने के उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पहले तो यह कुछ समय का हालात लग रहा था, परंतु सभी स्कूलों को बंद करने के पश्चात हालात और बुरे होने लगे । तभी प्रमुख सचिव के द्वारा ऑनलाइन, ऑफलाइन, बुल्टू के बोल ,लाउडस्पीकर ,मोहल्ला कक्षाओं के संचालन हेतु निर्देश दिया गया और यह सब बेहतर तरीके से चलने भी लगे । तब हमने विचार किया की क्यूँ न उत्कृष्ट कार्य करने वालों को कुछ पहचान दी जाए, जिससे हम अपने शिक्षकों को अधिक प्रोत्साहन दे सकें और इसी बीच में विचार हुआ हमारे नायक का । ताकि हम अपने शिक्षकों,अधिकारियों और बच्चों का प्रोत्साहन स्तर को एक चैन के रूप में चला सके ।
राज्य भर से चयनित बेहतर कार्य करने वाले शिक्षक, अधिकारी और बच्चे हमारे नायक के रूप चयनित होने लगे और इन्हें देखकर प्रदेश के बाकी शिक्षक भी काफी प्रोत्साहित हुए, जिससे यह हमारा सबसे सफल प्रयास सार्थक हो गया । जितेंद्र शुक्ला जी ने हमारे नायकों को का अभिनंदन किया कि आपके कार्य बहुत सराहनीय हैं। आप सभी एक नायक रूप में अपने कार्यों को और बेहतर बनाकर कार्य करते चलें । आज पूरे देश व्यापी स्तर पर छत्तीसगढ़ के इस शिक्षा पद्धति एवं नायकों की चर्चा होती है । आपकी वजह से हमारे विभाग को प्राप्त हुए सम्मान के लिए मैं सभी को धन्यवाद कहना चाहता हूं । एक प्रयासरत रहने वाले शिक्षक से बेहतर कोई कार्य ना कोई कर सकता है ना कोई जान सकता है । आप सभी नायकों का हम तहे दिल से शुक्रिया करते हैं कि आपने इन विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा के अलग को जगाए रखा और हमारे बहुत सारे शिक्षक अभी भी इस कार्य में जुटे हुए हैं । कार्यक्रम में समग्र शिक्षा के सहायक संचालक डॉ.एम.सुधीश और साक्षरता मिशन के सहायक संचालक एवं पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के राज्य मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडे ने भी अपनी बात रखते हुए हमारे नायकों और राज्य ब्लॉग राईटर टीम का उत्साहवर्धन और सराहना की। ब्लॉग लेखक चरण दास महंत ने हमारे नायक पर ब्लॉग लेखन पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, की हमारे नायक के शिक्षकों का चयन के समीक्षा के आधार पर जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, अधिकारियों का चयन किया जाता हैं। साथ उन्होंने कोरोना काल मे ऑनलाइन क्लास, मोहल्ला क्लास ,मिस्ड कॉल गुरुजी के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखा । इस कार्यक्रम में हमारे चयनित नायकों में सरगुजा संभाग के कोरिया जिले से राजकुमार चापेकर एपीसी समग्र शिक्षा कोरिया ,जशपुर से शिक्षक रामेश्वर राम भगत, सरगुजा से श्रीमती रेखा रॉय, बिलासपुर संभाग के मुंगेली जिले से शिक्षक सूरज तिवारी,बिलासपुर से शिक्षिका श्रीमती अलका राठौर, जांजगीर – चांपा से शिक्षक अनुराग तिवारी ,रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले से शिक्षक संतोष कुमार तारक ,महासमुंद से शिक्षिका श्रीमती संगीता पण्डा,बलौदाबाजार से श्रीमती ऋचाबाला गुप्ता ,दुर्ग संभाग के राजनांदगाँव जिले से शिक्षक शेख अफजल, दुर्ग से शिक्षक श्रीमती गीता नायर, राजनांदगाँव से श्री सतीश ब्यौहरे एपीसी समग्र शिक्षा राजनांदगाँव, बस्तर संभाग के बस्तर जिले से गणेश तिवारी एपीसी समग्र शिक्षा बस्तर, नारायणपुर से शिक्षक श्रीमती कविता हिरवानी ,बस्तर से जी.रामकृष्ण प्रसाद – शिक्षक तथा हमारे नायक के राज्य स्तरीय ब्लॉग लेखक में सरगुजा संभाग से श्री चेतनारायण कश्यप, बिलासपुर संभाग से चरणदास महंत,रायपुर संभाग से श्रीमती देविका साहू ,दुर्ग संभाग से श्रीमती नीलम कौर और बस्तर संभाग से श्रीमती तरूणा सिंह ने हमारे नायक के अपने अब तक के सफर और आगामी रणनीति को साझा किया । इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा और संयोजन हमारे नायक के राज्य समन्वयक सूरजपुर जिले के शिक्षक गौतम शर्मा और ब्लॉग लेखक श्रीमती सीमा मिश्रा ने किया तथा संचालन आशीष गौतम एपीसी समग्र शिक्षा रायपुर ने किया ।
शिक्षक सन्तोष कुमार तारक का पारम्परिक खिलौनों से शिक्षा देने में हमारे नायक के रूप में चयन हुआ है।शिक्षक लगातार अपने स्कूल के बच्चों से जुड़े हुए हैं और पालको के सहयोग हमर पहुना कार्यक्रम के तहत अभ्यास कार्य दे रहे है ।साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी जिला मिशन समन्वयक गरियाबंद ने पीएलसी की जिम्मेदारी शिक्षक को सौपी जिस पर जिले के शिक्षकों के साथ जुड़ कर उन्हें सक्रिय करने का कार्य कर रहे हैं वर्तमान में जिला गरियाबंद पीएलसी राज्य में सबसे अधिक शिक्षको की संख्या में प्रथम स्थान पर है।वर्तमान में बच्चों की लेखन में वृद्धि की दृष्टि से पूरे राज्य में आमा राइट परियोजना कार्य बच्चो को दिया जा रहा है जिसे बच्चे 30 जून तक लिख कर अपने शिक्षको के पास जमा करेंगे ।

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