सरबजीत के समर्थन में फिर प्रदर्शन, खुफिया विभाग अलर्ट
नई दिल्ली। ग्रामीण सेवा चालक सरबजीत सिंह व उसके नाबालिग बेटे की रविवार को पुलिस कर्मियों द्वारा पिटाई के विरोध में समुदाय विशेष के लोगों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहने की आशंका जताई है, वहीं इसको लेकर खुफिया विभाग के साथ दिल्ली पुलिस भी सतर्क है। इससे पहले मंगलवार को भी मुखर्जी नगर थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया। शाम होते ही ये लोग थाने के बाहर बैठ गए और सरबजीत के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे को वापस करने की मांग करने लगे। देर रात तक इन लोगों का प्रदर्शन जारी रहा। हालांकि उन्होंने हिंसक रुख अख्तियार नहीं किया, लेकिन लोगों के जमावड़े ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।
मौके पर पुलिस व अर्ध सैनिक बल के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई और पुलिस किसी भी प्रकार के बलवे आदि से निपटने के लिए तैयार हो गई। इसके पूर्व सोमवार की रात को भी अचानक हजारों की भीड़ पहुंच गई। जिससे स्थिति एक बार फिर बिगड़ती दिखाई देने लगी थी।

इलाके के लोग भी हो रहे परेशान
गत तीन दिनों से रात में चलने वाले हंगामे के कारण मुखर्जी नगर के स्थानीय निवासी भी अब परेशान हो चुके हैं। उनके जेहन में बस एक ही सवाल है कि आखिरकार यह सब कब तक चलेगा। थाने के निकट स्थित एक अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि रात भर चलने वाले हंगामे के कारण हमेशा किसी अनहोनी का डर लगा रहता है। बत्र सिनेमा के पास रहने वाले एक बुजुर्ग ने कहा कि मुखर्जी नगर इलाके में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं और आए दिन हंगामा होता रहता है। अब तीन दिनों से यह नया बवाल शुरू हो गया, जिससे शाम होने के बाद लोग घरों से निकलने में भी कतराने लगे हैं।
आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन
आम आदमी पार्टी (AAP) की ऑटो एवं ई-रिक्शा प्रकोष्ठ ने मुखर्जी नगर में ग्रामीण सेवा चालक सरबजीत की पिटाई के मामले में आरोपित पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। प्रकोष्ठ के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि पुलिस कर्मियों ने जिस बर्बरता के साथ सरबजीत सिंह की पिटाई की है, उससे ऑटो वाले दहशत में हैं।
मुखर्जी नगर में सरबजीत व उसके नाबालिग बेटे की पिटाई के मामले में जहां समुदाय विशेष के लोग पुलिस के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अब पुलिस के समर्थन में भी लोग पहुंचने लगे हैं।
मंगलवार को पुलिस के समर्थन में युवाओं का एक जत्था मुखर्जी नगर पहुंचा और मामले मे तीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ की गई निलंबन की कार्रवाई को एकतरफा व दबाव में लिया गया फैसला बताया। युवा हाथ में जस्टिस फॉर दिल्ली पुलिस, दिल्ली स्वच्छ है जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां भी हाथ में लिए हुए थे। वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को ही सोशल मीडिया पर एक पगड़ीधारी शख्स की वीडियो भी वायरल होती रही। जिसमें वह पुलिस के समक्ष सरबजीत के कृपाण निकाल लेने की घटना को शर्मनाक करार दे रहा है। वह वीडियो में कह रहा है कि कृपाण गरीबों, मजलूमों की रक्षा के लिए है, न कि पुलिस जब रोके या पैसे मांगे तो कृपाण निकाल लिया जाए। हमें गुरु महाराज ने कृपाण जुल्म से लड़ने के लिए दिया। जब रास्ते बंद हो जाएं तब कृपाण निकालना चाहिए। अगर हम कृपाण लेकर पुलिस के पीछे दौड़ेंगे तो पुलिस आरती नहीं उतारेगी। इस वीडियो के वायरल होने पर लोग पुलिस के पक्ष और विपक्ष में तर्क देते रहे।
