सैनिक स्कूल जमीन विवाद पर फुटा गुस्सा, गरियाबंद BJP नेता ने कहा- अधिकारी को गधे पर बिठाकर घुमाना चाहिए
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- गरियाबंद सैनिक स्कूल विवाद डीईओ की एक भूल और जिले का भविष्य गोल
गरियाबंद। गरियाबंद में मंजूर सैनिक स्कूल के लिए राजिम क्षेत्र में गुपचुप स्थल आबंटन प्रकिया पर शिक्षा विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा। बोले पक्षपात करने वाले अधिकारी को गधे में बिठा कर घुमाना चाहिए। डीईओ बोले हमने आज पांचों अनुविभाग में पत्र लिख कर स्थल की जानकारी मंगाई है।
फिंगेश्वर में कृषि महाविद्यालय भवन स्थल के विवाद के बीच अब सैनिक स्कूल स्थल के गुपचुप आबंटन की प्रकिया पर बहस छिड़ गया है।वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक ने जिला शिक्षा अधिकारी पर पक्षपात और गुमराह करने का आरोप लगाकार उन्हें इस कृत्य के लिए गधे पर बिठा कर घुमाने तक की बात कह डाली है।

दरअसल स्वीकृत सैनिक स्कूल को जिला मुख्यालय अथवा रिक्त स्थल वाले किसी उपयुक्त स्थान की तलाश के लिए शिक्षा विभाग को जिले के पांचों एसडीएम को पत्र लिखा जाना था ।पर डीईओ ने ऐसा न कर कुछ प्रभाव शाली नेताओं के इशारे में केवल राजिम एसडीएम को पत्र लिख राजिम के इर्द गिर्द सैनिक स्कूल के लिए आवश्यक 70 एकड़ भूमि की मांग के लिए पत्र लिख दिया है।
BJP नेता मुरलीधर ने बताया कितना संघर्ष और किसने संघर्ष किया था सैनिक स्कूल के लिए – मुरलीधर सिन्हा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि गरियाबंद जिला स्थापना के 13 साल बाद सबसे बड़ा उपहार मिला है ।बताया कि मैंने बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक डमरूधर पुजारी को बताया कि वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार के बजट में 100 सैनिक स्कूल खोलने का प्रावधान है इसलिए गरियाबंद जिला में खोलने हेतु दिल्ली चलते हैं ।सिन्हा ने बताया कि वे दिल्ली पहुंच दुर्लभ सैनिक स्कूल के लिए तत्कालीन सीएम रमनसिंह, सांसद चंदूलाल साहू से लेकर केंद्रीय मंत्री रहे रेणुका सिंह ,राजनाथ सिंह से लेकर तमाम उन दफ्तरों तक पहुंच लगातार पत्राचार किया,तब जाकर गरियाबंद में इस स्कूल की सहमति मिली है।
मुरली धर ने आरोप लगाया है कि जिला शिक्षा अधिकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के भावनाओं के अनुरूप काम कर रहे है। मुख्यालय में स्थल उपलब्ध नहीं होने के अलावा अन्य आवाश्यक जानकारी को आधी अधूरी देकर स्थान विशेष पर खोलने की तैयारी में है।एक अनुविभाग में केवल पत्र लिखना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।सिन्हा ने कहा कृषि महाविद्यालय स्थल को जैसे अफसरों ने विवाद का विषय बनाया वैसे विवाद का साया वे सैनिक स्कूल पर नहीं पड़ना देना चाहते।
खुलासे के बाद अब पांचों अनुविभाग के एसडीएम को लिखा पत्र- मामले में जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर ने कहा कि वे आज पांचों अनुविभाग के एसडीएम को वांछित 70 एकड़ भूमि के लिए पत्र लिख रहे है।उपयुक्त स्थल पर बनाने प्रस्ताव भेजा जाएगा।
दो दिन पहले ही केवल राजिम एसडीएम को पत्र लिख राजिम के आसपास सैनिक स्कूल के लिए गुपचुप स्थल चयन के तैयारी के खुलासे के बाद अब डीईओ ने पांच अनुविभाग को पत्र जारी किया है
