गरियाबंद में शिक्षा विभाग का फिर एक नया कारनामा, परीक्षा दिलाने पहुंचे छात्र मायूस लौटे
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- 25 फरवरी को वार्षिक का प्रथम पेपर दे चुके बच्चों को आज दूसरे पेपर के दिन कहा कि परीक्षा एक माह के लिए रद्द
- जिला शिक्षा अधिकारी और बदहाल सिस्टम की शिकायत शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से किया जाएगा
- कांग्रेस ने कहा – परीक्षा के नाम पर बच्चों के साथ मजाक कर रही है भाजपा सरकार
गरियाबंद । गरियाबंद जिले में शिक्षा विभाग का फिर एक नया चौकाने वाला कारनामा सामने आया है जिससे हजारों छात्र छात्राओं सहित पालकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। तो इस मामले को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा सरकार को बदनाम करने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की इसे करतूत बताते हुए शिकायत करने की बात कही गई है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा कि वार्षिक परीक्षा के नाम पर भाजपा सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़़ कर रही है। इसके लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार है।

स्थानीय कक्षा 9 वीं एवं 11 वीं वार्षिक परीक्षा के नाम पर गरियाबंद जिले मे चौकाने वाला मामला सामने आया है गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र मे कक्षा 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षा आज से तीन दिन पहले 25 फरवरी 2026 से शुरू हो गया है और इसके लिए बकायदा समय सारणी भी एक पखवाड़ा पहले जारी किया गया तथा 25 फरवरी से लेकर 16 मार्च 2026 तक 9वीं और 11 वीं की परीक्षा संचालित किया जा रहा है। 25 फरवरी को हजारो छात्र छात्राओं ने प्रथम पेपर स्कूल मे पहुंचकर दिलाया भी और आज 27 फरवरी को दूसरा पेपर दिलाने दूर दूर से बच्चे दोपहर 12 बजे स्कूल पहुंचे तो उनके होश उड़ गए छात्रों को बताया गया कि 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा रद्द कर दी गई है और अब वार्षिक परीक्षा अगले माह 25 मार्च से प्रारंभ किया जायेगा। स्कूल परीक्षा दिलाने पहुंचे छात्रो को जैसे ही परीक्षा रद्द होने की जानकारी लगी मायूस होकर लौटे। इस दौरान छात्र छात्राओं ने बताया वार्षिक परीक्षा के कारण उनके द्वारा दिन रात पढ़ाई किया जा रहा था। एक पेपर हो भी चुका है लेकिन क्यों परीक्षा रद्द कर दिया गया समझ से परे है।

बच्चों से परीक्षा शुल्क भी लिया गया है – वार्षिक परीक्षा दिलाने पहुंचे कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र छात्राओ ने बताया कि उनके द्वारा परीक्षा शुल्क भी जमा किया गया है । एकाएक परीक्षा स्थगित कर देने से उन्हे बहुत मायूसी हुई है क्योंकि सालभर की वार्षिक परीक्षा का ही छात्रों को इंतजार रहता है।
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ द्वारा मार्च में ही परीक्षा लेने का दिया था निर्देश – लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ प्रथम तल सी खंड इन्द्रावती भवन नया रायपुर अटल नगर पत्र क्रमांक 123 दिनांक 04.02.2026 को ही समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर परीक्षा तिथि के संबंध मे स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि दिनांक 25.03.2026 से 10.04.2026 तक वार्षिक परीक्षा संपन्न कराया जाये। समय सारणी जिला शिक्षा अधिकारी से जारी करने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके गरियाबंद जिले मे शिक्षा विभाग द्वारा जो लापरवाही सामने आई है छत्तीसगढ लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशो को दरकिनार कर जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद द्वारा मनमानी करते हुए एक माह पहले 25 फरवरी 2026 से 9वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा जिले में प्रारंभ करवा दिया गया। साथ ही प्रदेश स्तर के कार्यालय के निर्देशो का खुलेआम धज्जियां उडाई गई जिसका खामियाजा वार्षिक परीक्षा का एक पेपर संपन्न होने के बाद आज दूसरा पेपर के साथ वार्षिक परीक्षा को निरस्त करना पड़ा। छात्र छात्राओं को अतिरिक्त मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अफसरो पर कार्यवाही होना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा- लापरवाह अफसरों पर कार्यवाही की मांग करेंगे – भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरलीधर सिंन्हा ,गरियाबंद जिला के पूर्व महामंत्री योगेश शर्मा ने कहा जब लोक शिक्षण संस्थान छत्तीसगढ द्वारा 25 मार्च से स्थानीय स्तर का वार्षिक परीक्षा आयोजित करने का पहले ही निर्देश जारी कर दिया गया है तो जिले मे एक माह पहले वार्षिक परीक्षा 9वीं और 11 वीं का आयोजित करना जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित विभाग द्वारा घोर लापरवाही है ऐसे लापरवाह अफसरों पर कार्यवाही मांग किया जाएगा।
भाजपा सरकार में बच्चों से वार्षिक परीक्षा के नाम पर मजाक किया जा रहा है- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव, कांग्रेस के जिला महामंत्री खेदू नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार में छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वार्षिक परीक्षा के नाम पर बच्चों को छला जा रहा है। कांग्रेसियों ने कहा तत्काल इस मामले मे जिला शिक्षा अधिकारी पर कार्यवाही होना चाहिए और शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी लेना चाहिए।
क्या कहते हैं जिला शिक्षा अधिकारी
इस संबंध मे जानकारी लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद जगजीतधीर से जब संपर्क किया गया तो उन्होने फोन रिसीव नही किया और मैसेज करते हुए कहा इस मामले मे मैनपुर बीईओ और बीआरसीसी से संपर्क कर लेवें।
मैनपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने झाड़ा पल्ला – इस संबंध मे मैनपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी महेश पटेल से संपर्क करने पर उन्होने कहा पूरा समय सारणी जिला स्तर से बना है हम तो जिला अधिकारियों के निर्देशो का पालन करते है।
