गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्र में बदहाल आंगनबाड़ी में भविष्य गढ़ने नौनिहाल मजबूर, केन्द्रों की हालत हो रही खराब, माॅनिटरिंग नहीं कर रहे अफसर
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं, सरकार के दावों की पोल खोल रही महिला बाल विकास
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के दुरस्थ वनांचल क्षेत्रों में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों में मूलभूत सुविधाओ का अभाव बना हुआ है। माॅनिटरिंग नहीं होने के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और नौनिहाल बदहाल आंगनबाड़ी केन्द्रों में अपना भविष्य गढ़ने मजबूर हो रहे हैं।

अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है जिसके कारण सरकार के तमाम तरह के दावे की पोल खुलकर रह गई है। तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 9 किमी दूर ग्राम तुपेंगा जो गरियाबंद ब्लाॅक के अंतिम ग्राम है। इस ग्राम में लाखों रूपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया गया है और 5-6 वर्ष पहले यहां बच्चो की कमी के चलते आंगनबाड़ी को शुक्लाभाठा के एक सामुदायिक भवन में संचालित किया जा रहा है जबकि शुक्लाभाठा में पूर्व से एक आंगनबाड़ी संचालित हो रहा है और अब तुपेंगा के आंगनबाड़ी को शुक्लाभाठा में संचालित करने से इसका लाभ तुपेंगा के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। यहां से 04 किमी दूर बच्चे शुक्लाभाठा पढ़ाई करने कैसे जायेंगे। यह विचारणीय प्रश्न है लेकिन इस ओर संबंधित विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तुपेंगा ग्राम के ग्रामीणों ने इस मामले से पिछले दिनों जनसमस्या निवारण शिविर में गरियाबंद कलेक्टर को आवेदन देकर समस्या से अवगत करा चुके है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
- धवलपुर के केन्द्र क्रमांक 4 के आंगनबाड़ी ग्रामीण के जर्जर मकान में संचालित
ग्राम धवलपुर में चार आंगनबाड़ी केन्द्र है जिसमें से सबसे पुराना आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1 का भवन बेहद जर्जर होने के कारण इसे सामुदायिक भवन में संचालित किया जा रहा है जहां सुविधा नाम की कोई चीज नहीं है। यहां केन्द्र क्रमांक 2 और 3 में भवन की सुविधा है लेकिन केन्द्र क्रमांक 4 नयापारा में आंगनबाड़ी भवन नहीं होने के कारण एक ग्रामीण के जर्जर मकान में संचालित किया जा रहा है और एक तरफ उनका मकान को तोड़कर नया निर्माण किया जा रहा है जहां छोटे छोटे बच्चे खेलकूद करते रहते हैं और हमेशा दुर्घटना की अंदेशा बनी रहती है। यहां शौचालय और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओ का अभाव बना हुआ है।
महिला बाल विकास विभाग द्वारा अनेक प्रयास – महिला एवं बाल विकास द्वारा बच्चों के कुपोषण मुक्त हेतु अनेक योजनाएं संचालित किया जा रहा है। इन दिनों पोषण आहार त्यौहार मनाया जा रहा है लेकिन धवलपुर व आसपास के आंगनबाड़ी केन्द्रों में मूलभूत बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कही शौचालय नहीं कही पेयजल की कमी है तो कही भवन नहीं है जिसका खामियाजा छोटे छोटे नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है। कही विद्युत व्यवस्था नहीं तो कही कुछ और समस्या बनी हुई है।
- अफसर नहीं करते जमीनी स्तर पर माॅनिटरिंग
गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रो में मूलभूत बुनियादी सुविधा उपलब्ध नही है जहां शौचालय, पेयजल, विद्युत, खेल मैदान सहित अन्य सुविधा व्यवस्थित रूप से नही मिल पा रहा है जबकि सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रो में सुविधा उपलब्ध कराने लाखो रूपये की राशि आबंटन किया जा रहा है कई आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल के लिए सेन्टेक्स टंकी लगाया गया है लेकिन उसमें पानी नहीं निकल रहा है। पंखा व अन्य सुविधा गायब है जिसके पीछे मुख्य कारण संबंधित विभाग के अफसरो के द्वारा नियमित रूप से माॅनिटरिंग नहीं किया जाना बताया जा रहा है। यदि जमीनी स्तर पर विभाग के अधिकारी लगातार निरीक्षण करते तो आज आंगनबाड़ी केन्द्रो में मूलभूत सुविधाओ के लिए नहीं जुझना पड़ता कल का भविष्य अभावों के बीच पल रहा है।
- क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने बताया आंगनबाड़ी केन्द्रो में जो मूलभूत सुविधाएं होना चाहिए नही मिल पा रहा है जिसके कारण देश के भावी भविष्य के सामने अनेक परेशानी आ रही है समस्याओ के समाधान के लिए ठोस पहल किये जाने की जरूरत है और इस ओर जिले के कलेक्टर भगवान सिंह उइके से ग्रामीणो ने मांग किया है कि आंगनबाड़ी केन्द्रो में मूलभूत सुविधाओ की जाॅच कराई जाये और संबंधित दोषी अधिकारियो के उपर कार्यवाही किया जाये।
