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February 15, 2026

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वन तस्करो को रँगे हाथ पकड़ा

Shikha Das- पिथौरा, महासमुन्द

सागौन काट कर ले जा रहे थे ग्रामीण, वन परिक्षेत्र अर्जुनी का मामला

समीप के वन परिक्षेत्र अर्जुनी में वहां के रेंजर द्वारा गश्त के दौरान संरक्षित वन क्षेत्र से सागौन की लकड़ी काट कर ले जा रहे 4 ग्रामीणों को अपनी टीम के सहयोग से रंगे हाथों धर दबोचा। वन अधिनियम के तहत कार्रवाई

वन विभाग द्वारा चारों आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। जप्त सागौन लकड़ी की कीमत ₹10000 बताई गई. एक ओर बलौदा बाजार वन मंडल के तहत बार नवा पारा,लवन एवम कोठारी में लगातार अवैध कटाई एवम वन्य प्राणियों के शिकार जारी है। वही दूसरी ओर अर्जुनी वन मंडल में शिकार अतिक्रमण एवम अवैध कटाई करने वालो को तुरंत पकड़ कर कायॆवाई करने का क्रम लगातार जारी है । कल शनिवार रात घटित एक अवैध कटाई के मामले में उप वनमंडलाधिकारी कसडोल उदयसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी
टी.आर. वर्मा के नेतृत्व में अर्जुनी परिक्षेत्र अंतर्गत सतत् गस्त कर वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा हेतु की जा रही लगातार रात्रि गश्त के दौरान कोई 9ः00 बजे थरगांव परिवृत्त के छाता परिसर के अंतर्गत चार व्यक्तियों दिलीप वल्द राजाराम बघेल उम्र 42 वर्ष अनिल वल्द नेहरू बघेल उम्र 25 वर्ष अमरलाल वल्द दिलीप बघेल उम्र 17 वर्ष एवम अन्य एक उम्र 12 वषॆ व ग्राम बानीखार, तहसील-कसडोल, जिला-बलौदाबाजार के द्वारा कक्ष क्रमांक 329 से 4 नग सागौन का लट्ठा अवैध रूप से चोरीकर लेजा रहे थे जिसका घन मी. त्र 0.125 है । उक्त चारों अपराधियों को मौके पर धर दबोचा गया ।

रात्रि में ही काटे गये सागौन लट्ठों की जप्ती बना कर कार्यवाही की गई। जप्ती किये गये 4 नग सागौन लट्ठे = 0.125 घ.मी. अनुमानित कीमत 10000.00 रूपये होती है । आरोपियों पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(च) एवं लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्यवाही की जा रही है। उक्त कार्यवाही में सुखराम छात्रे वनपाल, रविन्द्र कुमार पाण्डेय वनरक्षक , प्रेमचन्द्र धृत लहरे वनरक्षक , भागीरथी सोनवानी वनरक्षक दैनिक श्रमिक श्यामु यादव, देवानंन्द कोयल, गोकुल यादव एवं संतराम बघेल का योगदान रहा। प्रकरण का विवेचना जारी है। ज्ञात हो कि अभ्यारण्य एवम इससे लगे क्षेत्रो में मात्र अर्जुनी परिक्षेत्र में ही शिकारियों की पकड़ धकड़ होती है। शेष परिक्षेत्र में पदस्थ अधिकारी शिकार अवैध कटाई या अतिक्रमण के किसी आरोपी को पकड़ नही पाते।जो कि क्षेत्र सहित प्रदेश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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