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March 19, 2026

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गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने ग्राम सेंदर में किसानों के फसल चक्र परिवर्तन का किया निरीक्षण

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • रागी, दलहन-तिलहन और सब्जी फसलों से किसानों की आय में बढ़ी तेजी

गरियाबंद । फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम सेंदर में आज कलेक्टर बी.एस. उइके, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी पहुंचकर वहाँ के किसानों द्वारा किए जा रहे फसल चक्र परिवर्तन का बारिकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से विस्तृत चर्चा की। सेंदर के किसानों ने बताया कि वे पारंपरिक धान फसल को छोड़कर अब वे फसल चक्र परिवर्तन अपनाकर सरसों, उड़द, मूंग, धनिया, मक्का, तरबूज, कुम्हड़ा और चेज भाजी जैसी अलग-अलग फसलों की खेती कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि धान के फसल में अनावश्यक पानी की बर्बादी होती है। साथ ही धान के फसल लगाने से उन्हें फायदा भी नहीं होता है। इस कारण वे फसल चक्र परिवर्तन कर अपने आय में वृद्धि कर रहे है।

उन्होंने बताया कि बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खेतों में धान के बदले अन्य फसल लगाए है। कई किसानों ने रागी की खेती को अपनी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बताया। उन्होंने बताया कि रागी की बाजार में अच्छी कीमत मिलने से प्रति एकड़ लगभग 60 से 70 हजार रुपये का लाभ मिल रहा है, जबकि रागी का वर्तमान मूल्य लगभग 5700 रुपये प्रति क्विंटल है। इसे वे बड़े पैमाने पर कर रहे हैं।

गांव के कुछ किसानों ने बताया कि बीज उत्पादन के लिए अपना पंजीयन बीज निगम में कराया है। पंजीयन के बाद वे शासन से सम्बद्ध होकर प्रमाणित बीज उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रही है। बीज उत्पादन की पहल से ग्राम सेंदर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता भी बढ़ी है। कलेक्टर ने किसानों की मेहनत और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि फसल विविधीकरण किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों, उन्नत कृषि तकनीक, जैविक खाद और बेहतर सिंचाई प्रबंधन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांवों में नियमित रूप से भ्रमण कर किसानों को तकनीकी सहायता एवं मार्गदर्शन लगातार देते रहे।

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए समन्वयपूर्वक कार्य करें तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करें। इस दौरान एसडीएम राजिम श्री विशाल महारणा सहित कृषि अधिकारी उपस्थित थे।