गरियाबंद जिले में एक बार फिर आश्रम प्रबंधन की लापरवाही – 15 फीट ऊंचाई सीढ़ी से गिरा कर कक्षा दूसरी के छात्र गंभीर रूप से घायल
- मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से गरियाबंद किया गया रेफर, हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने मेकाहारा किया रेफर
- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद। गरियाबंद जिले की आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। आदिवासी आश्रम में पढ़ाई करने वाले कक्षा दुसरी के एक छात्र बबलू उम्र लगभग 8 वर्ष खेलकूद करते समय आश्रम की सीधी से गिर गया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल छात्र को तत्काल मैनपुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से उन्हें जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया और गंभीर स्थिति को देखते हुए रायपुर के अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है। अभी छात्र की तबीयत पहले से ठीक बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार तहसील मुख्यालय मैनपुर से 8 किलोमीटर दूर आदिवासी बालक आश्रम बेहाराडीह झरियाबहरा में कक्षा दूसरी के छात्र कल शुक्रवार को शाम 5 बजे के आसपास आश्रम के छत और सामने लगे सिढी के पास खेलकूद कर रहे थे। खेलकूद करते समय सीढी से पैर फिसलने के कारण छात्र लगभग 10 फीट ऊंचाई से नीचे जमीन पर गिरा गया जिससे छात्र आंख और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोट लगी है। छात्र सीढ़ी से गिरने के बाद बेहोश हो गया जिसे तत्काल मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर कर दिया। गरियाबंद अस्पताल में भी उनका इलाज के बाद नाजुक स्थिति को देखते हुए रायपुर में मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है जहां छात्र की इलाज किया जा रहा है और आज दूसरे दिन छात्र की सेहत में सुधार बताईं गईं हैं ।
- सहायक आयुक्त गरियाबंद एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पहुंचे अस्पताल
बालक आश्रम बेहाराडीह झरियाबहरा के छात्र के घायल होने की जानकारी लगता ही आदिवासी विकास सहायक आयुक्त गरियाबंद लोकेश्वर पटेल तत्काल रायपुर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को बच्चों का बेहतर इलाज करने को कहा है। साथ ही क्षेत्र के जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव आज रायपुर पहुंचकर घायल छात्र एवं उनके परिजनों से मुलाकात किया और इलाज में पूरी तरह सहयोग करने की बात कही है।
- आदिवासी आश्रम में एक बार फिर लापरवाही आई सामने, तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश के बाद भी नहीं हटाया गया सीढ़ी
मैनपुर क्षेत्र के बड़े गोबरा आदिवासी बालक आश्रम का मामला अभी थमा भी नहीं है और एक बार फिर दूसरे आदिवासी आश्रम में आश्रम प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार बेहराडीह झरियाबहरा आश्रम परिसर के भीतर लोहे का सीढी 10 से 12 फीट ऊंचा छत के ऊपर गया है और यहां खुला लोहे का सीढ़ी है। इस सिढी को पूर्व में हटाने का निर्देश गरियाबंद के तत्कालीन कलेक्टर नम्रता गांधी ने दिया था लेकिन इस ओर आश्रम प्रबंधन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। ज्ञात हो कि गरियाबंद के तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती नम्रता गांधी एवं जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव ने इस आश्रम का निरीक्षण किया था और आश्रम के बीचों-बीच छत में जाने वाले लोहे की सीढ़ी को देखकर जमकर नाराजगी जताई थी।
तत्काल सीढ़ी को हटाने आश्रम प्रबंधन को निर्देश दिया था तब आश्रम प्रबंधन द्वारा 2 दिन के भीतर सीढ़ी हटाने की बात कही गई थी लेकिन कई साल बाद भी अब तक सीढ़ी को नहीं हटाया गया। वहीं दूसरी ओर छात्रों के देखरेख के लिए आश्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारी चपरासी नियुक्त किया गया है। आश्रम अधीक्षक भी नियुक्त किया गया है बावजूद इसके एक छात्र के सीढ़ी से गिरने कर घायल होना कहीं ना कहीं आश्रम प्रबंधन की लापरवाही को बताने के लिए काफी है यदि समय रहते तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर इस सिढी को हटा दिया जाता तो आज या दुर्घटना नहीं होती और छात्र घायल नहीं हुआ होता।
