आदिवासी संस्कृति की जीवंत पहचान मड़ई मेला – MLA जनक ध्रुव
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- कोेकडी मडाई मेला में देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख शांति खुशहाली की कामना
- देवी देवताओं का शौर्य प्रदर्शन और आशीर्वाद लेने उमड़े लोग
गरियाबंद। तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगभग 38 किलोमीटर दुर ग्राम पंचायत कोकडी में आज गुरूवार को मडाई मेला का आयोजन किया गया। इस मडाई मेला में शामिल होने क्षेत्रभर से देवी देवताओं के ध्वज पताके एवं डांग डोली पहुंचे, जहां परम्परा अनुसार देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर मडाई बिहाई गई। क्षेत्र में सुख शांति समृध्दि खुशहाली के लिए पूजा अर्चना किया गया। इस मडाई मेला में दूर दूर से व्यवसायी पहुंचे थे और जमकर दुकानों में खरीदारी हुई। लोगों में मडाई मेला को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला।

वही दूसरी ओर मड़ई मेला में शामिल होने बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के MLA जनक ध्रुव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख शांति समृद्धि और खुशहाली की कामना किया गया। MLA जनक ध्रुव ने कहा आदिवासी संस्कृति की जीवंत पहचान मड़ई मेला में आपसी भाईचारा मेल मिलाप होता है साथ ही यह हमारे समाजिक और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। मड़ई मेला के बहाने दूर दराज रहने वाले रिश्तेदार मित्र एक जगह एकत्र होते है। जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि मडाई मेला हमारे संस्कृति की अनमोल धरोहर है आपसी सदभाव के साथ यहा समारोह मनाया जाता है खुशियों के पल को आपस में मिल बाटकर अपनों के साथ मनाने की परम्परा सचमुच में एक सुखद अहसास कराता है। श्री नेताम ने आगे कहा संस्कृति और धार्मिक रूप से हमारे छत्तीसगढ समृध्द है। इस मौके पर प्रमुख रूप से श्यामाकुमार, कन्हैया लाल, दैनिक राम मंडावी, गोपालराम, मनाराम, रमेश कुमार, सुकूराम, अशोक, कुमार, बुद्धू राम, हीरासिंह, नन्दलाल, सतनामी मरकाम, पतंग मरकाम, नरेश कुमार, चंद्रपाल, जगदीश सोरी, मनोहर,मनीराम, धनीराम, श्रीराम, फालिया राम, बिसरु राम, नारदराम, कारूराम, रामेश्वर मरकाम, सखराम मरकाम, सुनिल मरकाम सहित आसपास ग्रामों के लोग बडी संख्या में उपस्थित थे।
