गरियाबंद जिले से सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई – फुलझर बांध का वाल टुट गया
- 75 प्रतिशत पानी बह गया, गर्मी में पानी के लिए मचेगा हाहाकार
- किसानों और क्षेत्रवासियों के शिकायत के बावजूद सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों द्वारा नहीं दिया जा रहा ध्यान
- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद। किसानों के द्वारा पिछले 05-06 वर्षो से सिंचाई जलाशय के वाल खराब होकर जंग लगने की शिकायत विभाग से किया जाता रहा साथ ही इसकी मरम्मत की मांग भी किया जाता रहा है लेकिन सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं देने के कारण फुलझर जलाशय मुख्य गेट का वाल टुट गया। पिछले डेढ माह के भीतर यहा जलाशय का 75 प्रतिशत पानी बह गया। आने वाले गर्मी में पानी के लिए हाहाकार मचेगा। क्षेत्र के किसानों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर संबधित लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की मांग किया है।

तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 03 किलोमीटर दुर ग्राम मैनपुरकला के आश्रित ग्राम फुलझर में जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई जलाशय का निर्माण किया गया है, इस सिंचाई जलाशय का लाभ हर वर्ष क्षेत्र के किसानों को बेहतर तरीके से मिलता है। आसपास के किसानो को जंहा खरीफ फसल में पर्याप्त पानी मिल जाता है। वही रबि फसल मे भी आसपास के किसान इस सिंचाई परियोजना के सहारे धान, मक्का,गेहु की खेती किसानी करते आ रहे हैं। फुलझर जलाशय के मुख्य गेट के लोेहे का वाल पिछले कई वर्षो से जंग लगकर खराब हो गया था जिसके मरम्मत की मांग किसानों व क्षेत्रवासियो द्वारा सिंचाई विभाग के स्थानीय सबइंजीनियर एसडीओं से पिछले 05-06 वर्षो करते आ रहे थे। हर बार सिंचाई विभाग के संबधित अधिकारियों द्वारा गर्मी के दिनो में सिंचाई परियोजना सुखने के बाद मरम्मत करने का आश्वासन दिया जाता रहा है लेकिन इस ओर गंभीरता से ध्यान नही दिया गया जिसके कारण लगभग डेढ माह पहले यह सिंचाई परियोजना के गेट का मुख्य वाल जो जंग लगकर खराब हो गया था। वह टुट गया और पिछले डेढ माह के भीतर इस सिंचाई परियोजना के 75 प्रतिशत पानी बह गया। नाम मात्र पानी बचा हुआ है आने वाले गर्मी के दिनो में भारी परेशानियों का सामना करना पडेगा।
- शिकायत के बाद अब तक नहीं हुआ मरम्मत
क्षेत्र के किसानों व ग्रामीणों ने बताया कि डेढ माह पूर्व वाल टुटने से पानी बेकार बह रहा है इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के एसडीओं और संबइंजीनियर से करने के बावजूद अब तक निरीक्षण मे नही पहुचे है और तो और इसके सुधार की दिशा में कोई ठोस कार्य योजना नही बनाई गई है जिसके कारण किसानो में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष रामकृष्ण धुव्र ने कहा कि सिंचाई विभाग के स्थानीय अधिकारियों को किसानो के द्वारा कई बार शिकायत किया गया लेकिन कोई ध्यान नही दिया गया जिसके कारण डेम का वाल टुट गया और गर्मी से पहले जलाशय आधा सुख गया है इसके लिए सिंचाई विभाग जिम्मेदार है, उन्होने इस संबंध मे जाच कर उचित कार्यवाही की मांग किया है।
