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January 23, 2026

समाचार पत्र और मीडिया है लोकतंत्र के प्राण, इसके बिन हो जाता है देश निष्प्राण।

अब तो भिखारी हुए हाईटेक, छुट्टे न हों तो बारकोड दे देते हैं

Now beggars have become hi-tech, they give barcodes if they are not on vacation.

छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए छोटे बड़े व्यापारी-कारोबारी, अन्य संस्थान डिजिटली ट्रांजेक्शन को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं अब इस डिजिटल जमाने में भिखारी भी दूर नहीं हैं। इसी आसान तकनीक का इस्तेमाल कर अब भिखारी भी हाईटेक हो गए हैं और डिजिटली भीख मांग रहे हैं। देखा गया है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक भीख मांगने वाला ऐसा शख्स भी है जो डिजिटली भीख मांग कर अपना गुजारा कर रहा है।

आपको सुनकर हैरानी होगी। वो सामने दिखने वाले हर एक शख्स से पैसे मांगता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति उसे ये कहता है कि, उसके पास केश में छुट्टे पैसे नहीं हैं तो हेमंत उसके सामने डिजिटल लेनदेन के लिए बारकोड आगे करते हुए भीख के पैसे देने की मांग कर देता है। उसकी इस तकनीक से जहां वो ज्यादा से ज्यादा लोगों से पैसे ले ही लेता है तो वहीं, शहरभर में उसका ये तरीका काफी चर्चा का विषय भी बना हुआ है। छिंदवाड़ा की गलियों में घूमते हुए भीख मांगने वाले शख्स का नाम हेमंत सूर्यवंशी है।

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