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October 28, 2026

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मैनपुर क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का भारी अकाल – गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहे कैल्शियम और मल्टीविटामिन टैबलेट

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • मैनपुर क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री से दवाई उपलब्ध कराने किया मांग

गरियाबंद । जिले के आदिवासी बहुल्य विकासखंड मैनपुर क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर खुलकर सामने आई है क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अधीनस्थ उप स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद जरूरी कैल्शियम की टेबलेट ही उपलब्ध नहीं हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि अस्पतालों में न तो मल्टीविटामिन कैप्सूल और सिरप हैं और न ही बी-कॉ कॉम्प्लेक्स जैसी बुनियादी दवाएं मरीजों को मिल पा रही हैं। दवाइयों के इस भीषण अभाव के कारण सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण अंचल की गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है, जिनके स्वास्थ्य और पोषण के लिए ये दवाएं अत्यंत आवश्यक होती हैं।

  • गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को जच्चा और बच्चा दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से कैल्शियम, आयरन और मल्टीविटामिन की आवश्यकता होती है। लेकिन मैनपुर क्षेत्र के अस्पतालों की लचर व्यवस्था के चलते महिलाओं को ये जीवनरक्षक और पोषणयुक्त दवाएं नसीब नहीं हो पा रही हैं। मजबूरन ग्रामीण महिलाओं को महंगे दामों पर बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जो गरीब आदिवासी एवं क्षेत्र के अन्य सभी परिवारों के लिए आर्थिक रूप से बेहद कठिन साबित हो रहा है।

  • अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर ग्रामीण

स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और स्टाफ तो तैनात हैं, लेकिन दवाइयों के स्टॉक खत्म हो जाने के कारण डॉक्टर चाहकर भी मरीजों का सही उपचार नहीं कर पा रहे हैं। पर्ची लिखने के बाद जब मरीज अस्पताल के दवा वितरण कक्ष में पहुंचते हैं, तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। कई बार दूर-दराज के ग्रामीण जंगलों और पहाड़ों को पार कर इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं, लेकिन दवा न मिलने से उन्हें भारी निराशा और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

  • स्वास्थ्य मंत्री और कलेक्टर से तत्काल दवा आपूर्ति की मांग

क्षेत्र में फैली इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गरियाबंद जिले के कलेक्टर रणबीर शर्मा से त्वरित संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मैनपुर क्षेत्र के सभी सामुदायिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों में जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, मल्टीविटामिन, बी-कॉम्प्लेक्स और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों का स्टॉक भेजा जाए, ताकि आदिवासी अंचल की गरीब जनता और गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इस पूरे मामले को लेकर जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने दवाओं की कमी की बात स्वीकार करते जल्द उपलब्ध कराने की बात कही है।

मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ डॉ. गजेंद्र ध्रुव ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों में कैल्शियम टेबलेट की कमी की जानकारी से उच्च अधिकारियों को आधिकारिक तौर पर अवगत करा दिया गया है और लगातार दवाइयों की मांग भेजी जा रही है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में कैल्शियम की दवा का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

  • क्या कहते है जिला चिकित्सा अधिकारी

गरियाबंद जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवरत्न ने इस संबंध में बताया कि उच्च स्तर या आगे से ही दवाओं की नियमित सप्लाई नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय की ओर से दवाइयों का मांग पत्र पहले ही भेजा जा चुका है और आपूर्ति बहाल होते ही जल्द ही ग्रामीण अंचल के स्वास्थ्य केंद्रों में दवाएं पहुंचा दी जाएंगी। उन्होने कहा कि कल कैल्शियम की टेबलेट मैनपुर भेजी जायेगी।