Recent Posts

January 23, 2026

समाचार पत्र और मीडिया है लोकतंत्र के प्राण, इसके बिन हो जाता है देश निष्प्राण।

महुआ दारु, रात के अँधेरे में हो जाते हैं सक्रिय

shikha das

आबकारी  विभाग का अता पता नही 

महुआ दारूमय साथ ही अवैध शराब
पुलिस व आबकारी की पकड़ से बाहर बेखौफ
 शिखा दास /महासमुन्द/पिथौरा । पिथौरा परिक्षेत्र  के अनेक ग्रामों का माहौल  महुआ दारुमय  होने के कारण गाँव में  जो नशे लड़ाई झगड़े से दुर रहने वाले  अनेकसम्भ्राँत परिवार   हलाकान है । अनेक पँचायत प्रतिनिधि भी  नाम ना छापने  की शर्त पर बताते हैं कि म हुआ दारुमय हैं  गाँव । साँकरा चौकी से समीपस्थ बिजेमाल का जँगल ही महुआ दारूमय हैं  व आसपास के गाँव। पिथौरा तहसील के मोहन्दा  बरेकेल कोटादादर   सुखीपाली चिखली खुटेरी नयापारा  कोल्दा   बिजेमाल देवसरार    बड़ेटेमरी   भजपुरीआदि अनेक ग्रामों में  महुआ दारू बेखौफ बन वsupply हो रहा ।

shikha das

गाँव गाँव में  अँधेरा होते ही इनकी  सक्रियता  बढ़ जाती हैं ।आने जाने वाले रास्तो पर POINTबना कर खड़े होते हैं । परिक्षेत्र  मे  पूर्व में भी लूट पाट हत्या की जघन्य  घटनाओं की  परिणति लगातार देखने को मिल चुकी  हैं  ।फिर भी आबकारी  विभाग     जानकारियाँ  होने के बावजूद क्यों  शान्त हैं  समझ से परे । महुआ दारू की गँध पाकर  हाथी आयेगा ही  यह वन विभाग का दावा हैं  पर  लोगो मे  यह खौफ बिलकुल  नही दिखाई  दे रहा । चिखली बिजेमाल  का माहौल इतना खराब था कि गाड़ी का काँच चढ़ाकर   हमारी महिला पत्रकार को खौफजदा माहौल  से गुजरना पड़ा ।कल  भी ग्राम दौरा  के समय यही नजारा दिखा। बुन्देली  पुरा महुआ शराबमय  जब कि वहाँ चौकी बनी हुई हैं  पर  नाराज व सम्भ्रान्तजन बताते हैं कि  पूरा बुन्देली बेल्डीही शराबमय ।
क्या आबकारी विभाग की मिलीभगत  अगर नही तो उदासीनता क्यों :::?
अनियंत्रित महुआ दारूमय माहौल देखकर ऐसा लग रहा है कि    जैसे  इनके नियँत्रण के लिए कोई विभाग है या नही ?  आबकारी विभाग का अता पता नही
या जान के भी अनजान !
पिथौरा परिक्षेत्र  के अनेक ग्रामों का माहौल  म हुआ दारुमय  होने के कारण गाँव में  जो नशे लड़ाई झगड़े से दुर रहने वाले  अनेकसम्भ्राँत परिवार   हलाकान है । अनेक पँचायत प्रतिनिधि भी  नाम ना छापने  की शर्त पर बताते हैं कि म हुआ दारुमय हैं  गाँव  । साँकरा चौकी से समीपस्थ बिजेमाल का जँगल ही महुआ दारूमय हैं  व आसपास के गाँव। पिथौरा तहसील के मोहन्दा  बरेकेल कोटादादर   सुखीपाली चिखली खुटेरी नयापारा  कोल्दा आदि अनेक ग्रामों में  म हुआ दारू बेखौफ बन वsupply हो रहा ।गाँव गाँव में अँधेरा होते ही इनकी  सक्रियता  बढ़ जाती हैं ।आने जाने वाले रास्तो पर POINTबना कर खड़े होते हैं । परिक्षेत्र  मे  पूर्व में भी लूट पाट हत्या की जघन्य  घटनाओं की  परिणति लगातार देखने को मिल चुकी  हैं ।फिर भी आबकारी  विभाग जानकारियाँ  होने के बावजूद क्यों  शान्त हैं समझ से परे ।
म हुआ दारू की गँध पाकर  हाथी आयेगा ही  यह वन विभाग का दावा हैं  पर  लोगो मे  यह खौफ बिलकुल  नही दिखाई  दे रहा । चिखली बिजेमाल  साँकरा परिक्षेत्र का माहौल इतना खराब था कि गाड़ी का काँच चढ़ाकर   हमारी महिला पत्रकार को खौफजदा माहौल  से गुजरना पड़ा ।
क्या आबकारी विभाग की मिलीभगत  अगर नही तो उदासीनता क्यों ?
अनियंत्रित महुआ दारूमय माहौल देखकर ऐसा लग रहा है कि    जैसे  इनके नियँत्रण के लिए कोई विभाग है या नही ?  आबकारी विभाग का अता पता नही
या जान के भी अनजान !
उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम पूरे क्षेत्र में  दारु का असर जोरदार  सामाजिक  परिवेश  पर  गहरा असर  ।
गाँव गली चौपाल कस्बा चौराहा  सब नशामय ।
आबकारी का बयान लेने की कोशिश की गयी पर नही हो पाया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *