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April 13, 2025

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सुशासन तिहार-2025 – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, पहला चरण 8 अप्रैल से प्रारंभ

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  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • शिकायत, समस्या, सुझाव व मांग से सम्बंधित आवेदन को समाधान पेटी में जमा करने की होगी सुविधा
  • मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारी विकास कार्यों का करेंगे औचक निरीक्षण
  • कलेक्टर ने सुशासन तिहार 2025 के संबंध में अधिकारियों की ली बैठक

गरियाबंद। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में सुशासन तिहार -2025 के आयोजन का ऐलान किया है, जो शासन की पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करेगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री दीपक कुमार अग्रवाल ने जिले के सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकाय के सीएमओ की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद का एक अहम मंच बनेगा, जिससे विकास कार्यों में गति और योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकेगा।

इस तिहार के माध्यम से हम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से करेंगे और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें प्रशिक्षण दे। साथ ही शिविर के लिए प्रभारी नियुक्त करें। सुशासन तिहार के बारे में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार, मुनादी कराये। आवेदकों से अलग-अलग विषय से संबंधित अलग-अलग आवेदन प्राप्त करें। प्रत्येक दिन के प्राप्त आवेदनों को उसी दिन एन्ट्री कराये। इसके लिए दो पालियों में कम्प्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाये। जनपद कार्यालय में पर्याप्त मात्रा में कम्प्यूटर का सेटअप रखे। आवेदनों के निराकरण में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में अपर कलेक्टर अरविन्द पाण्डेय, प्रकाश राजपूत, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

  • सुशासन तिहार-2025 की प्रमुख विशेषताएं

कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने बताया कि सुशासन तिहार-2025 का पहला चरण 08 से 11 अप्रैल 2025 तक होगा, जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। यह आवेदन ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से प्राप्त होंगे। ऑनलाइन आवेदन की भी व्यवस्था की जाएगी और आवेदनकर्ताओं को पावती दी जाएगी। आवेदन प्राप्त होने के बाद, संबंधित अधिकारियों द्वारा इन्हें एक माह के भीतर निराकृत किया जाएगा। अधिकारियों को समय सीमा के भीतर इनका समाधान सुनिश्चित करना होगा।

  • समाधान शिविर

समाधान शिविरों का आयोजन 05 मई से 31 मई 2025 तक किया जाएगा। इन शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी और जहां संभव होगा, वहीं समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। इस तिहार में सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
विकास कार्य का निरीक्षण
मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारी जिले में चल रहे विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से हो रहा है और लोगों को उनका लाभ मिल रहा है।