आंगनबाड़ी केन्द्र बदहाल कैसे पोषित हो नवनिहाल, गरियाबंद अफसर AC कार्यालय से बाहर निकलते ही नहीं
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- मैनपुर नगर में आंगनबाड़ी केन्द्र के सामने खतरनाक कच्ची नाली, शौचालय पानी की सुविधा नहीं
गरियाबंद । केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा नवनिहाल बच्चों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए लाखों करोड़ों रूपये पानी की तरह खर्च किया जा रहा है लेकिन गरियाबंद जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रो की बदहाल स्थिति अब तक किसी से छिपा नहीं है जिसके कारण यहां के बच्चों को कैसे पोषण मिलेगा। यह बड़ी सवाल सामने खड़ा है लेकिन इस ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। मैनपुर तहसील मुख्यालय के भीतर संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों में जब मुलभुत सुविधाएं नहीं है तो दुरस्थ वनांचल की बात ही छोड़ दीजिए। विभाग के जिम्मेदार अफसर गरियाबंद जिला कार्यालय एसी रूम से बाहर निकलते ही नही जब वे बाहर निकलकर धरातल में पहुंचेंगे तब उन्हे यह समस्या दिखाई देगी और इसका लाभ बच्चों को मिलेगा लेकिन संबंधित विभाग के अफसर सिर्फ कागजी कार्यवाही कर ही अपने कर्तव्यो की इतिश्री कर रहे हैं।

इस मामले को लेकर अब क्षेत्र के भाजपा नेताओ द्वारा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से मुलाकात कर शिकायत करने की तैयारी किया जा रहा है और लापरवाह अधिकारियो पर कार्यवाही की मांग की जायेगी।
राज्य सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रो पर बच्चो की सेहत सुधार से लेकर उनके जीवन स्तर में बदलाव पर सरकार द्वारा बड़े -बड़े दावे तो किये जा रहे है लेकिन जमीनी हकीकत इससे बेहद अलग है हालात यह है कि आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भवन की कमी है केन्द्रो में पानी, बिजली, शौचालय की सुविधा तक नहीं है। ऐसे में जब आंगनबाड़ी केन्द्र बदहाल है तो सवाल उठ रहा है कि यहां नवनिहाल कैसे पोषित होंगे। दुरस्थ वनांचल की बात छोड़ दीजिए तहसील मुख्यालय मैनपुर के सप्ताहिक बाजार स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र के सामने बजबजाती नाली और कच्ची गहरी खुली नाली जानलेवा दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है यहां छोटे -छोटे दर्जनो बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन सामने कीचड़ गंदगी के कारण संक्रामक बीमारी फैलने की अंदेशा है। पेयजल के लिए पानी टंकी लगाई गई है लेकिन वह बंद है। तहसील मुख्यालय के जयंतीनगर स्थित आंगनबाड़ी भवन बेहद जर्जर हो गई है यहां गेट दरवाजा तक नहीं है।

शौचालय और अन्य मुलभुत सुविधा उपलब्ध नही है। मैनपुर मुख्यालय के अचानपुर में आंगनबाड़ी भवन बेहद जर्जर हो गया है और छत टुट -टुटकर गिर रहा है जिसके कारण यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर में आंगनबाड़ी का संचालन किया जा रहा है। अब सवाल उठता है जब तहसील मुख्यालय के भीतर आंगनबाड़ी केन्द्रो की स्थिति बदहाल है और मुलभुत सुविधा उपलब्ध नही हो पा रहा है तो ग्रामीण इलाको में आंगनबाड़ी केन्द्रों की क्या स्थिति होगी यह आसानी से समझा जा सकता है।
- बदहाल सिस्टम के चलते समस्याओं का समाधान रुका
आंगनबाड़ी केन्द्रो में बच्चो को पोषण आहार के साथ उनके विकसित जीवन के लिए उन्हे हर तरह से तैयार करना है यह बच्चो की प्रारंभिक शिक्षा है प्रारंभिक शिक्षा मिलने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रो के लिए राज्य व केन्द्र सरकार लाखो करोड़ो रूपये खर्च करने के साथ अनेक योजनाएं संचालित कर रही है लेकिन जिम्मेदार अफसरो के लापरवाही के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है जब भी समस्याओं से विभाग को अवगत कराया जाता है तो समस्याओं के समाधान करने के बजाय विभाग सिर्फ कागजी कार्यवाही खानापूर्ति में लग जाती है जबकि होना यह चाहिए कि ठोस पहल करते हुए समस्याओ का समाधान किया जाये।
- सरपंच ने कहा
ग्राम पंचायत मैनपुर के सरपंच श्रीमति हनिता नायक ने बताया कि अचानपुर में आंगनबाड़ी भवन जर्जर हो गया है। नया भवन निर्माण किया जाना बेहद आवश्यक है।
