मक्का खरीदी की मांग को लेकर चक्काजाम की चेतावनी के बाद मैनपुर पहुंचे कलेक्टर और एसपी के समझाइश के बाद आंदोलन स्थगित
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- जनपद सभागार मैनपुर में कलेक्टर और एसपी ने किसानों से बैठक में चर्चा किया, 10 हजार प्रति एकड़ राशि कृषक प्रोत्साहन राशि दिलाने की बात कही
- अब 6 जनवरी को नहीं किया जायेगा चक्काजाम, किसान संघर्ष समिति के साथ क्षेत्रभर के किसान नेता व जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में बैठक में हुए शामिल
गरियाबंद । गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर एवं देवभोग क्षेत्र में लगभग 20 हजार हेक्टेयर में किसानों के द्वारा मक्का की फसल उत्पादन किया गया है लेकिन समर्थन मूल्य पर अब तक खरीदी प्रारंभ नही होने से पांच दिन पूर्व मैनपुर क्षेत्र के किसान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर समर्थन मूल्य में मक्का खरीदी प्रारंभ करने की मांग को लेकर रैली निकाल ज्ञापन सौंपा था और किसानों द्वारा चेतावनी दिया गया था। समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी प्रारंभ नही करने पर 06 जनवरी दिन मंगलवार को नेशनल हाइवे 130 सी में अनिश्चितकालीन चक्काजाम किया जायेगा। किसान संघर्ष समिति एवं क्षेत्र के किसानो के द्वारा चक्काजाम की चेतावनी के बाद आज सोमवार को दोपहर 12 बजे गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके एवं नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर तथा कृषि विभाग के उपसंचालक चंदन राय एवं एसडीएम डाॅ तुलसीदास मरकाम ने मैनपुर जनपद पंचायत सभागार में किसानों के बीच लगभग ढाई घंटे तक बैठक चली।

बैठक में किसानो ने गरियाबंद कलेक्टर से मांग किया कि फसल परिवर्तन के तहत क्षेत्र के किसान हजारों हेक्टेयर में मक्का की फसल लिए है और अब फसल कटकर तैयार है। अभी तक समर्थन मूल्य में खरीदी प्रारंभ नही होने के कारण किसानों को मजबुरन औने पौने दाम पर बिचैलियों के पास मक्का बेचने मजबुर होना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष नाफेड द्वारा 21-22 रूपये किलो में मक्का की खरीदी किया गया था।
बैठक में गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने किसानो को बताया कि किसानो की मांगो को शासन स्तर पर भेजा जा चुका है पिछले साल एथेनाॅल डिस्टलरीज के मांग पर नाफेड ने एमएसपी दर 2100 रूपये प्रति क्विंटल पर मक्का खरीदी किया था इस बार अभी तक कोई गाइड लाइन नही आयी है इसलिए समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी नहीं किया जा रहा है । कलेक्टर ने किसानो को राहत देने कृषक उन्नति योजना के तहत पंजीकृत किसानो को प्रति एकड़ 10 हजार रूपये योजना के तहत देने की बात कही गई है जिससे नुकसान की भरपाई किया जा सके।
बैठक में किसानों को विभिन्न कृषि योजना के बारे में जानकारी दिया गया साथ ही किसानों ने गरियाबंद कलेक्टर से मांग किया है कि मक्का उत्पादन में लागत बढ़ गया है। मजबूरी में किसान आने-पौने दम पर बेचने मजबूर हो रहे हैं। किसानों ने फरियाद लगाई है कि मक्का का कम से कम इतना कीमत किसानों को दिलाया जाए कि उनकी लागत निकल सके।
बैठक में प्रमुख रूप से किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष टीकम कपिल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमति लोकेश्वरी नेताम, जनपद सदस्य सुकचंद ध्रुव, टीकम नागवंशी, गेंदु यादव, सरपंच दीनाचंद मरकाम, दैनिकराम मंडावी, मुकेश कपिल, बनसिंग सोरी, प्रेमसाय जगत, सेवन पुजारी, छबि दीवान, गज्जु नेगी, अर्जुन नायक, प्रियंका कपिल, खेलन दीवान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अमृतलाल नागेश, चरणसिंह नागेश, जिलेन्द्र नेगी, एसडीओपी ओमप्रकाश खुजुर, थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा, सीईओ डीएस नागवंशी, चंद्रकिशोर नागेश, तहसीलदार रमेश मेहता, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी महेश पटेल, बीआरसीसी एसके नागे एवं स्थानीय अधिकारी कर्मचारी किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- बैठक के बाद 6 जनवरी के चक्काजाम को स्थगित किया गया
जिला प्रशासन एवं किसानो के बीच चली बैठक में लंबी चर्चा के बाद किसानो ने आगामी 06 जनवरी मंगलवार को नेशनल हाइवे में जो चक्काजाम की चेतावनी दिये थे उसे स्थगित कर दिया जिसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस लिया है।
गरियाबंद कलेक्टर ने पत्रकारों को चर्चा में बताया – गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने पत्रकारो से चर्चा करते हुए कहा किसान संघर्ष समिति द्वारा मक्का खरीदी को लेकर चक्काजाम करने ज्ञापन दिये हुए थे आज किसान साथियों से चर्चा किया गया। मुख्य मांग मक्का खरीदी का था पिछले वर्ष नाफेड के द्वारा मक्का को खरीदा गया था लेकिन इस वर्ष कोई अनुबंध नही होने के कारण नाफेड द्वारा मक्का खरीदी नहीं की जा रही है। इसके संबंध में आज किसानो से बैठक में चर्चा किया गया साथ ही किसानों को कृषि विभाग की योजना के तहत हर किसान को प्रति एकड़ 10 हजार प्रोत्साहन राशि मिलने का प्रावधान है। इसके बारे में बताया गया किसानो ने आगामी 6 जनवरी को होने वाले चक्काजाम को सर्वसम्मति से स्थगित किया गया है।
