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January 23, 2026

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गरियाबंद जिले में संजीवनी एक्सप्रेस 108 लोगों के लिए वरदान साबित, एक साल में 6010 लोगों की संवारी जिंदगी

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • जनवरी 2025 से 28 दिसम्बर तक 6 हजार 10 लोगों के जान बचाने में सहायक साबित हुआ

गरियाबंद । 108 सेवा अपने नाम के अनुरूप ही गरियाबंद जिलेवासियो को निरंतर आपातकालीन सेवा प्रदान कर अपने संजीवनी नाम को सार्थक कर रही है। इस दुरस्थ वनांचल क्षेत्र में जहां स्वास्थ्य सुविधा और डाॅक्टर का अभाव है ऐसे में संजीवनी एक्सप्रेस लोगो के लिए वरदान साबित हुआ है। 2025 एक वर्ष के भीतर संजीवनी एक्सप्रेस ने 6010 मरीजो एवं आपातकालीन स्थिति में लोगो को अस्पताल तक पहुंचाया है। डायल 108 की आपातकालीन सेवा जिला गरियाबंद वासियों के लिए बनी वरदान संचालित 108 एंबुलेंस सेवा ने जिला गरियाबंद में जनवरी 2025 से 28 दिसंबर 2025 तक आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं सराहनीय कार्य किया है। इस अवधि के दौरान 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जिले में कुल 6010 आपातकालीन मामलों में त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्रदान की गई। इन मामलों में सड़क दुर्घटनाएं, गर्भवती महिलाओं की आपात सेवाएं, विषाक्तता, आत्महत्या प्रयास सहित अन्य गंभीर आपात स्थितियाँ शामिल रहीं।

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के मामलों में 108 एंबुलेंस सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई मामलों में अस्पताल तक समय पर न पहुँच पाने की स्थिति में सुरक्षित डिलीवरी 108 एंबुलेंस में ही कराई गई, जिससे माँ एवं नवजात शिशु की जान बचाई जा सकी। यह सेवा ईएमटी एवं पायलट की तत्परता, प्रशिक्षण और मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। सेवा के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं अन्य आपात मामले 4704, वाहन दुर्घटना 620, गर्भावस्था 402, विषाक्तता 277, आत्महत्या प्रयास 7 है।

  • एंबुलेंस के भीतर हुआ बच्चे का सुरक्षित जन्म

वर्ष 2025 में इस वाहन के माध्यम से 402 प्रसव गर्भवती महिलाओ को अस्पताल तक पहुंचाया गया जिसमें प्रसव पीड़ा में तड़प रही तीन अलग – अलग गर्भवती माताओं को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उन्होंने नवजात शिशु को जन्म दिया बच्चा जच्चा दोनों स्वस्थ रहे। पीड़ित महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में यह एंबुलेंस वरदान साबित हुआ है तो वही चाहे दुर्घटना हो आगजनी हो जंगली जानवर के हमले हो सब में 108 के स्टाफ ने अपने तत्परता का परिचय देते हुए मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में विशेष योगदान दिया है।

  • वनांचल क्षेत्र में यह योजना काफी कारगर साबित

गरियाबंद जिले के मैनपुर जैसे वनांचल क्षेत्रो में जहां गांव में वाहनो की कमी है और डाॅक्टर तथा स्वास्थ्य सुविधा का अभाव बना है ऐसी स्थिति में यह एंबुलेंस आपातकालीन घटना दुर्घटना में लोगो की जान बचाने में कामयाब साबित हुआ है।

  • क्या कहते हैं जिला प्रबंधक

इस संबंध में चर्चा करने पर जिला प्रबंधक गतेश कुमार पाली द्वारा बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा की टीम 24 घंटे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जिलेवासियों की सेवा में कार्यरत है तथा जरूरतमंदों को समय पर जीवन रक्षक सुविधा उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि जिला गरियाबंद में 108 एंबुलेंस सेवा का कार्य अत्यंत प्रशंसनीय, जनहितकारी एवं जीवन रक्षक सिद्ध हो रहा है। 108 एंबुलेंस सेवा आज भी आपात परिस्थितियों में आम जनता के लिए भरोसेमंद और जीवन बचाने वाली सेवा के रूप में निरंतर कार्य कर रही है।