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October 21, 2026

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चौकसील पहाड़ी के ऊपर 25 अक्टूबर को चन्द्रमा की रौशनी में शरद पून्नी मेला का आयोजन

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • उदंती के घने जंगलों के बीच चौकसील पहाड़ी पर सजेगा शरद पूर्णिमा मेला तैयारी जोरों पर
  • देवगढ़धाम चौकसील में छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित ओड़िसा से भी पहुंचते है हजारो लोग
  • आदिवासी परम्परा अनुसार देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर अनेक धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

गरियाबंद । गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र के उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के घने जंगल के अंदर देवगढ़धाम प्रमुख धार्मिक एवं मनोरम पहाडी चौकसील में हर वर्ष दशहरा के शरद पूर्णिमा पर लगने वाला मेला को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस पहाड़ी के उपर शरद पूर्णिमा की रात बिजली के रौशनी के बगैर मेला में हजारो लोग शामिल होते है। शरद पूर्णिमा मेला को लेकर भारी जोरशोर से तैयारी किया जा रहा है। इस वर्ष 25 अक्टूबर दिन रविवार को शरद पूर्णिमा पर मेला का आयोजन किया जायेगा। देवगढ़धाम बारहपाली समिति चौकसिल (तहसील मैनपुर, जिला गरियाबंद) द्वारा 13वें वर्ष के उपलक्ष्य में परंपरा अनुसार भव्य जिला स्तरीय दशहरे पर्व, शरद पुन्नी मेला और झांकर, पुजारी, बैगा, सिरहा मिलन सम्मेलन सह पूजन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। प्रकृति की गोद में स्थित देवस्थल देवगढ़धाम चौकसिल में इस तीन दिवसीय भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। 

तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा – 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार) देवी-देवताओं का आगमन एवं पूजा-अर्चना दोपहर 01 बजे चौकसिल गढ़िया माता, कुलेश्वरी माता, टंगिया कोटलो डुमा, चार चौरासी गादी माता एवं चौकसिल पहाड़ के सभी देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 04 बजे स्थानीय व अन्य स्थानों से पधारने वाले देवी-देवताओं का आगमन और स्थापना झांकर, पुजारी, बैगा और सिरहा अतिथियों का आत्मीय स्वागत रात 08 बजे सामाजिक प्रमुखों का उद्बोधन एवं विचार गोष्ठी एवं 25 अक्टूबर शरद पूर्णिमा के दिन भव्य मेला का सुबह पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक मेला का आयोजन। दोपहर 12 बजे आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम और अतिथियों का स्वागत-उद्बोधन शाम 04 बजे देवी-देवताओं की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। आदिवासी संस्कृति अनुसार पूजा अर्चना किया जायेगा। रात 09 बजे ग्राम-जयपाटना (सरगीगुड़ा) के कलाकारों द्वारा प्रसिद्ध उड़िया नाटक का मंचन किया जाएगा। 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार) समापन समारोह कार्यक्रम का औपचारिक समापन एवं जोहार भेंट के साथ देवी-देवताओं व अतिथियों की विदाई। इस मेला को सफल बनाने के लिए बारहपाली ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम कोयबा, साहेबिनकछार, इंदागांव, तौरेंगा, जांगड़ा, अमाड़, मोतीपानी और रक्सापथरा के श्रद्धालुओं और आयोजकों (देवगढ़ धाम बारहपाली समिति चौकसिल) ने आसपास के सभी अंचलों के श्रद्धालुओं द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी किया जा रहा है ज्ञात हो कि यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नही है ग्रामीण अपने स्वयं से सड़क का निर्माण कर रहे है और यह आदिवासी समाज के साथ ही क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। मेला को सफल बनाने संरक्षक टीकम सिंह नागवंशी, अध्यक्ष बैजनाथ नेताम, संचालक टीकम सिंह मांझी, मंगलसिंह सोरी, खेलसिंह मरकाम, तिरथ नाग, नरेश कुमार नागेश, अर्जून सिंह नायक, हरिश मांझी, हेमन्त ध्रुव, देवीराम जानी, कुंवर सिंह ओटी, मधुसिंह ओटी व क्षेत्र के सभी ग्रामीणों द्वारा लगातार तैयारी किया जा रहा है क्षेत्र सहित सभी लोगो को कार्यक्रम में शामिल होने की अपील किया गया है।