तूफान के बीच देवदूत बने संजीवनी एक्सप्रेस के कर्मी
- नेशनल हाईवे पर गिरे पेड़ को खुद कुल्हाड़ी से काटकर बचाई गंभीर मरीज की जान
- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद । गरियाबंद जिले में ‘अर्नब तूफान’ के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले दो दिनों से दिन रात लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है, मक्का की फसल को भारी क्षति पहुँची है और कई कच्चे-खपरेल मकान भी टूटकर धाराशायी हो गए हैं।

गरियाबंद जिले के मैनपुर, देवभोग क्षेत्रों में इस तूफान का भयंकर असर देखने को मिल रहा है। इसी बीच, मैनपुर विकासखंड के अमलीपदर से एक दिल को छू लेने वाली और अदम्य साहस की मिसाल सामने आई है, जहाँ संजीवनी एक्सप्रेस (108) के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर और सूझबूझ दिखाते हुए एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे की जान बचाई।
- तूफान के कारण पेड़ गिरने से रुका रास्ता
संजीवनी एक्सप्रेस 108 के चालक उपेन्द्र यादव (जो कि नाहनबिरी, मैनपुर के निवासी हैं) और एमटी मनीष साहू, देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से श्वास की बीमारी से पीड़ित एक बच्चे को रेफर किए जाने के बाद रायपुर एम्स अस्पताल लेकर जा रहे थे। बुधवार रात करीब 11.00 बजे जैसे ही नेशनल हाईवे 130 सी पर ध्रुवागुड़ी पथरी नाला के पास एम्बुलेंस पहुँची, तो वहाँ आंधी-तूफान के कारण रास्ते में एक भारी-भरकम पेड़ गिरा हुआ था, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था।
- खुद संभाला मोर्चा, दो घंटे तक की कड़ी मशक्कत
मुश्किल घड़ी में चालक और मेडिकल टेक्नीशियन ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सबसे पहले गरियाबंद संजीवनी एक्सप्रेस को इसकी जानकारी दी और वहाँ से दूसरी एम्बुलेंस के लिए प्रयास किया। इसके बाद, चालक उपेन्द्र यादव और एमटी मनीष साहू ने खुद मोर्चा संभालते हुए रात के 11.00 बजे से लेकर रात के 1.00 बजे तक (पूरे दो घंटे) कुल्हाड़ी से उस भारी पेड़ को झमाझम बारिश के बीच भीगते हुए खुद काटकर रास्ते से हटाया। रास्ता साफ होने के बाद वे मरीज को लेकर रायपुर के लिए रवाना हुए। इस बीच, पाण्डुका गरियाबंद से 20 किमी दूर से दूसरी एम्बुलेंस भी मदद के लिए पहुँच गई और आपसी समन्वय से मरीज को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुँचाया गया।
- लोगों ने की सराहना
इस साहसिक और मानवीय कार्य के बाद एक बार फिर ‘संजीवनी एक्सप्रेस 108’ ने अपनी बेहतर सेवा और विश्वसनीयता को साबित कर दिखाया है। क्षेत्रवासियों और आम लोगों द्वारा चालक उपेन्द्र यादव तथा एमटी मनीष साहू के इस निष्ठावान और देवदूत जैसे कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है।
