तौरेंगा में सौर ऊर्जा उपकरण बंद, बिन्द्रानवागढ़ MLA जनक ध्रुव ने क्रेडा विभाग के अधिकारियों को लगाई फटकार
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- अंधेरे मे डुबा ग्राम तौरेंगा पहुंचे विधायक जनक ध्रुव ने सौर ऊर्जा उपकरणों का लिया जायजा, तत्काल सुधार करने दिया निर्देश
- ग्रामीणों ने विधायक को बताया कई माह से सौर ऊर्जा बंद इन दिनों जंगली भालु और तेंदुआ के आतंक से ग्रामीणों में दहशत
गरियाबंद । बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव आज रविवार को अचानक सुबह 11 बजे मैनपुर से 22 किमी दूर ग्राम तौरेंगा पहुंचे जहां ग्रामीणो ने उनका आत्मीयता से स्वागत किया। यहां विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग बड़ी संख्या मे निवास करते है और ज्ञात हो कि पिछले कई माह से इस गांव मे सौर ऊर्जा उपकरण मे खराबी आने के कारण गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। घने जंगल में बसे होने के कारण जंगली जीव जंतुओं के साथ इन दिनों भालु और तेंदुए का आतंक देखने को मिल रहा है। ग्राम तौरेंगा के ग्रामीण पूर्व उपसरपंच अनुप कश्यप, सुकबती बाई, पुसउराम, फागुराम यादव एवं ग्रामीणो ने विधायक को बताया कई बार क्रेडा विभाग के अधिकारियो को सौर ऊर्जा मरम्मत की मांग कर चुके है लेकिन उनके द्वारा गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

आजादी के 80 वर्षो बाद भी इस गांव मे बिजली की रौशनी नही लगी है ग्रामीणो ने बताया एक सौर ऊर्जा प्लांट मे पिछले दिनो उपकरण लगाये गये है लेकिन वह उपकरण लगाते ही खराब हो गया जिसके कारण अब तक जल नही पाया और दुसरा उपकरण पहले से खराब बंद पड़ा हुआ है जिसके कारण ग्रामीणों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने उपस्वास्थ्य केन्द्र मे बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही पेयजल व्यवस्था दुरूस्थ करने और स्कूल भवन की मांग किया।
विधायक जनक ध्रुव ने ग्रामीणो की समस्याओ को गंभीरता से सुनते हुए क्रेडा विभाग की कार्यशैली पर गहरी नराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन लगाकर फटकार लगाते हुए सौर ऊर्जा प्लेटों की तत्काल मरम्मत कराने और विद्युत व्यवस्था बहाल करने के सख्त निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि त्योहारों के इन दिनों में ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है जनता की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्राम पंचायत के पूर्व उपसरपंच अनुप कश्यप और स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि क्रेड़ा विभाग की लापरवाही के कारण सौर ऊर्जा प्लेट की समय पर मरम्मत नहीं हो पा रही है। देखरेख के अभाव और विभागीय सुस्ती के चलते ये उपकरण लंबे समय से कबाड़ में तब्दील होने की कगार पर हैं और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं, जिससे ग्रामीणों की परेशानी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है कभी भी विभाग के अधिकारी इस क्षेत्र का निरीक्षण नही करते जिसके कारण ग्रामीणो को भारी असुविधाओ का सामना करना पड़ रहा है।
