Recent Posts

January 24, 2026

समाचार पत्र और मीडिया है लोकतंत्र के प्राण, इसके बिन हो जाता है देश निष्प्राण।

देवदाहरा जलप्रपात अपना अनुपम प्राकृतिक छटा , पर्यटकों का मन मोह रहा है

  • पर्यटकों के लिए नहीं है सुविधाए, पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग
  • शेख हसन खान, गरियाबंद

मैनपुर। मैनपुर क्षेत्र में लगातार झमाझम बारिश से क्षेत्र के जंहा नदी नाले अपने उफान पर है वही क्षेत्र के वाॅटरफालो की सुन्दरता इन दिनों निखर गई है, और झमाझम बारिश के बीच खतरनाक रास्तो को पार कर पर्यटक इन पर्यटन स्थलो में पहुच रहे हैं। प्राकृतिक सौन्द्रर्ययुक्त देवधारा जलाशय एक मनोहारी पर्यटक स्थल बन सकता है बशर्ते शासन प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि द्वारा इसे गुमनामी की अंधेरे से उबारा जाये तो, अगर ध्यान दिया जाये तो न केवल प्रकृति प्रेमी को लाभ होगा बल्कि शासन को राजस्व आय की प्राप्ति होगी। उल्लेखनीय है कि उक्त जलप्रपात वनभैंसो के लिए विख्यात उदंती अभ्यारण क्षेत्र के बीहड़ जंगल मे स्थित है।

मैनपुर कुल्हाड़ीघाट, बेसराझर होते हुए भी यहां पहुंचते है वन विभाग द्वारा यहां तक पहुंचने के लिये कच्ची सड़क का निर्माण कराया गया है। देवदाहरा दो पहाड़ियो के बीच इन्द्रावन नदी पर है इसके उपर भाई दाहरा, हाथ दाहरा, नागरशील और कई रमणीय सरोवर है जहां साल के बारहो माह पानी भरा रहता है।

मुख्यालय मैनपुर से 30 किलोमीटर व जिला मुख्यालय गरियाबंद जिला मुख्यालय से 85 किमी दूर प्रकृति की अनुपम छटा बिखेर रही प्राकृतिक जलधारा देवदाहरा जल प्रपात आने वाले पर्यटको का मन मोह लेती है जो सदा के लिए पर्यटको के दिलोदिमाग मे अपनी अनुपम छाप छोड़ने मे कोई कसर नही छोड़ रही है। बारिश के इन दिनों में देवदाहरा का मनोरम दृश्य देखने लायक है। पहाड़ों व खाड़ियों के बीचो बीच प्रकृति रूप से उपजे यह देवदाहरा जलप्रपात मैनपुर ब्लाॅक केे प्राकृतिक धरोहरों में से एक है जहां बरसात के दिनो मे यह दृश्य देखते ही बन रहा है।