जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम का ग्राम तौरेंगा, इदागांव, बुढगेलटप्पा के ग्रामीणों ने किया जोरदार स्वागत

- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद। जिला पंचायत गरियाबंद के सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम लगातार तीसरी बार शानदार जीत हासिल करने के बाद आज ग्राम तौरेंगा, इदागांव, बुढगेलटप्पा आभार प्रदर्शन करने पहुंचें तो स्थानीय ग्रामीणों ने फुलमाला के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र के मूलभूत समस्याओं से उन्हे अवगत कराते हुए बताया कि आजादी के 76 वर्षो बाद भी नेशनल हाईवे 130 पर बसे ग्राम तौरेंगा में बिजली की रौशनी नहीं पहुंची है, जबकि इस गांव के उपर से बिजली के मुख्य तार देवभोग के तरफ गया है। बावजूद इसके आज तक इस गांव में बिजली नही लगाने के कारण आदिवासी ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने मजबूर हो रहे हैं।
गांव में जो सौर उर्जा लगाया गया है। क्रेडा विभाग द्वारा देखरेख नही करने के कारण महज 01 से 02 घंटा जलने के बाद पुरी रातभर ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ता है। ग्रामीणो ने कई बार बिजली, स्वास्थ्य सुविधा के साथ ही डॉक्टर की मांग कर थक चुके हैं लेकिन अब तक शासन प्रशासन में इस तरठ कोई ध्यान नहीं दिया। इस समस्या से आज ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताओं को अवगत कराते हुए समस्या समाधान करने की मांग किया है।
आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत गरियाबंद के सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि ग्रामीणों को मलभूत सुविधा उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। इस क्षेत्र की समस्या के समस्याओं के समाधान के लिए लगातार उच्च अधिकारियों से सम्पर्क कर सुविधा उपलब्ध कराने प्रयास किया जा रहा है श्रीमती नेताम ने कहा कि इस आदिवासी क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ शासन प्रशासन द्वारा सौतेला व्यवहार कर रही है। कितना दुख की बात है कि इस गांव के उपर से बिजली के मुख्य तार गया है। बावजूद इस गांव के लोग अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं।
श्रीमती नेताम ने कहा कि इस क्षेत्र के समस्याओं के समाधान के लिए सड़क से सदन से तक लड़ाई लड़ेंगे और हमारे अधिकारों और हक को पाकर रहेंगे। इस मौके पर प्रमुख रूप से ग्राम पंचायत तौरेंगा के सरपंच सोहन्तीन सोरी , इदागांव के सरपंच गुरूवारी बाई ध्रुव, उपसरपंच श्रीमती कांति बस्तियां , श्रीमती पार्वती नागेश, रमेश ध्रुव, राजकुमार, मोतीराम, जलोराम, पवित्रा, खिलावनराम, दिनेश कुमार, राजमन, भगत राम, भोलाराम, केशरी, सुनिता, सोहद्रा बाई, तन्नु राम, लिलेश्वरी बाई, उकिया बाई, प्रियंका बाई, रमुला, उर्वशी, टिकेश्वरी, मदना बाई , हरीसिंह नेताम, मुरली धर नागेश, तिलउ यादव, सदाराम यादव, परमानंद नेताम, कार्तिक, मानसिंह बस्तीया, बीजु नेताम, केशरी ध्रुव, लखुराम, कुमारी बस्तिया एंव बडी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।