शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव के निर्देशों का अब तक शिक्षा विभाग के अधिकारीयों ने नहीं किया पालन, बोर्ड परीक्षा सर पर नहीं मिले स्कूलों को शिक्षक
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- मैनपुर शा.उ.मा. विद्यालय में गणित, रसायन, इतिहास जैसी महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं, पढ़ाई प्रभावित
गरियाबंद । प्रदेश में भाजपा विष्णुदेव सरकार बनने के बाद पहली बार तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर में 25 नवम्बर को आयोजित जिला स्तरीय यादव समाज के कार्यक्रम में शामिल होने शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव पहुंचे थे। इस दौरान शिक्षामंत्री ने स्कूली छात्र – छात्राओं को सड़क किनारे जाते देखकर अपनी काफिला का रूकवाया और स्वयं उतर कर बच्चो के बीच पहुंचकर उनके हालचाल जाने। इस दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैनपुर के छात्र -छात्राओं ने शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव को बताया कि विद्यालय में 500 से अधिक छात्र -छात्राएं अध्यनरत है और अभी तक हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन का निर्माण नहीं हुआ है। वर्षो पुराने हाईस्कूल भवन में हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित किया जा रहा है इस दौरान मंत्री ने नया हायर सेकेण्डरी भवन निर्माण करवाने की घोषणा तत्काल किया। साथ ही शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यालय में पढ़ाई के संबंध में जानकारी लिया तो छात्र -छात्राओ ने बताया कि गणित, रसायन, हिन्दी एवं इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषयो के शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है जिस पर शिक्षामंत्री ने तत्काल गरियाबंद के जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद को तलब कर हायर सेकेण्डरी स्कूल में जहां एक ओर तत्काल शिक्षक की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

वहीं नया स्कूल भवन के लिए स्कूल का जगह निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने निर्देश दिया था लेकिन शिक्षामंत्री के निर्देश के बावजूद आज लगभग डेढ़ माह बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियो द्वारा हायर सेकेण्डरी स्कूल में एक भी शिक्षक की व्यवस्था नहीं किया गया। एक तरह से शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने शिक्षामंत्री के आदेश के बावजूद शिक्षक व्यवस्था करने कोई ध्यान ही नहीं दिया और तो और शिक्षामंत्री के निर्देश के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद एक बार भी अभी तक हायर सेकेण्डरी स्कूल का निरीक्षण भी नहीं किया और शिक्षक की व्यवस्था करने कोई प्रयास नहीं किया गया।
- 22 फरवरी से बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा, शिक्षामंत्री के निर्देश के बाद शिक्षक नहीं, पढ़ाई प्रभावित
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैनपुर में कुल 492 छात्र -छात्राएं अध्यनरत है और यहां सन् 1980 से हायर सेकेण्डरी स्कूल का संचालन किया जा रहा है लेकिन अब तक हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन का निर्माण नही किया गया है। शिक्षामंत्री ने स्कूल में जगह का निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर स्कूल भवन निर्माण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया था और तो और स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी लगते ही जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद को तत्काल मैनपुर स्कूल में जरूरी शिक्षको की व्यवस्था तत्काल करने का निर्देश दिया था लेकिन शिक्षामंत्री के जाते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने मंत्री के निर्देशो की तरफ ध्यान ही नहीं दिया। मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 22 फरवरी से 10वीं, 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं प्रारंभ होना है और अभी तक गणित, इतिहास, रसायन, हिन्दी जैसे महत्वपूर्ण विषयो के शिक्षक नही होने से जहां एक ओर पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वही दूसरी ओर अब तक कोर्स भी पूरा नहीं हुआ है।
- पालक संघ ने कहा कि मंत्री से करेंगे शिकायत
पालक संघ के वरिष्ठ सदस्य एवं भाजपा के गरियाबंद जिला पूर्व उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, रामकृष्ण ध्रुव, गेंदु यादव, सद्दाम भट्टी, दुलार सिन्हा ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव ने मैनपुर आगमन के दौरान स्वयं छात्र -छात्राओ को देखकर वाहन से उतरकर उनके समस्याओ को सुना था शिक्षक नही होने की जानकारी देने पर शिक्षामंत्री द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद को तत्काल महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक व्यवस्था करने का निर्देश दिया था लेकिन गरियाबंद जिले में शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियो द्वारा शिक्षामंत्री के निर्देशो का अहवेलना किया जा रहा है और तो और शिक्षा विभाग के जिला अधिकारियो के पास इतना भी फुर्सत नहीं है कि शिक्षामंत्री के निर्देश के बावजूद मैनपुर विद्यालय में पहुंचकर समस्याओ को जान सके जो बड़ा ही गंभीर मामला है। पालक संघ के सदस्यों ने कहा एक सप्ताह के भीतर राजधानी रायपुर पहुंचकर शिक्षामंत्री गजेन्द्र यादव से मुलाकात कर इस मामले की शिकायत करेंगे और शिक्षामंत्री के निर्देशो का पालन नहीं करने वाले अफसरो पर कार्यवाही की मांग करेंगे।
- गरियाबंद जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा
इस संबंध में गरियाबंद जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर चर्चा में बताया कि मंत्री के आदेश के बाद आधे घंटे के अंदर ही शिक्षण व्यवस्था करने का मेरे द्वारा निर्देश दे दिया गया था। बीईओ से पूछना पड़ेगा आदेश का पालन हुआ कि नहीं।
