उदंती सीतानदी, राजापडाव, क्षेत्र के 160 ग्रामों के सैंकड़ों ग्रामीण 60-70 टैक्टर में भरकर जिला मुख्यालय धरना प्रदर्शन करने निकल पड़े
- क्षेत्र के मूलभूत समस्याआें को लेकर 22 फरवरी सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद का करेंगे घेराव
- रामकृष्ण ध्रुव, मैनपुर
किसान संघर्ष समिति उंदंती सीतानदी, राजापडाव के बैनर तले 22 फरवरी दिन सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद में धरना प्रदर्शन करनें उदंती अभ्यारण्य, सीतानदी अभ्यारण्य एंव राजापडाव क्षेत्र सहित लगभग 160 गांव के सैंकड़ों ग्रामीण महिला पुरूष बच्चें आज रविवार को सुबह से टैक्टरों के माध्यम से जिला मुख्यालय गरियाबंद के लिए कुच करते रहे दोपहर तीन बजे के आसपास लगभग 60-70 ट्रैक्टरों के माध्यम से तहसील मुख्यालय मैनपुर पहुंचे। इस क्षेत्र के लोगो ने मैनपुर में टैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय गरियाबंद के लिए रवाना हुए। इस दौरान उदंती सीतानदी राजापडाव किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह नायक, क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नेता दलसूराम मरकाम, ग्राम पंचायत कोकडी के सरपंच सखाराम मरकाम, ग्राम पंचायत अडगडी के सरपंच कृष्ण कुमार नेताम, शोभा सरपंच रमुला बाई मरकाम, गौरगांव सरपंच भानबाई नेताम, गरहाडीह के सरपंच कलाबाई नेताम, गोना सरपंच सुनिल कुमार मरकाम, भुतबेडा सरपंच अजय कुमार नेताम, कुचेंगा सरपंच कृष्णा बाई मरकाम, जांगडा सरपंच मिथुला बाई मरकाम, तौरेंगा सरपंच परमेश्वर नेताम, अमाड सरंपच पुस्तम सिंह, कोयबा के सरपंच बेलमती मांझी, साहेबिनकछार सरपंच कैलाश नेताम, जनपद सदस्य घनश्याम मरकाम, फुलचन्द्र नेताम, चिमन लाल, गणेराम, नकुल नागेश, संजय देवंशी सहित क्षेत्र के वरिष्ठ समाज प्रमुखों ने मैनपुर में पत्रकारों को बताया कि उदंती सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र के कोर ऐरिया में ग्रामीणाें को न तो तेन्दुपत्ता तोडने दिया जाता है और न ही किसी भी प्रकार के वनोपज संग्रहण करने दिया जाता है, जिसके चलते उदंती सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र के कोर क्षेत्र में निवास करने वाले हजाराें लोगो के सामने अपने जीविकाउपार्जन को लेकर गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।

और तो और इन कोर ईलाकों के गांव में सडक, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे बुनियादी सुविधाए भी उपलब्ध नही कराये जा रहे हैं। जब भी सडक और बिजली लगाने की बात आती है, और सडक निर्माण का तो वन विभाग द्वारा रोक लगा दिया जाता है, जिसके चलते इन ग्रामो में बुनियादी सुविधाए उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। और दुसरी तरफ वन विभाग नियम विपरित अपने निर्माण कार्यो को जेसीबी मशीन के माध्यम से करवाते हैं। यहा निवास करने वाले आदिवासी और हजाराें लोगो को नियम कानून बताते है, और वन प्रशासन खूद उन नियमों को ताक मे रखकर अपना निर्माण कार्य करवा लेते है।

ग्रामीणाें ने आगे बताया कि उंदती सीतानदी अभ्यारण्य अंचलो में तेन्दुपत्ता संग्रहण का अधिकार दिया जाए गांव गांव में फंड खोला जाए मूल्य बढाया जाए गांव को पूर्ण अधिकार दिया जाए, हमांरी मांग है तेन्दुपत्ता प्रति सैकडा 500 रूपये , बुटा कटाई 400 रूपये बढाया जाए । उंदती सीतानदी अभ्यारण्य अंचलो में तेन्दुपत्ता फंड खोलने कार्ड तत्काल बनवाया जाए। मुंशी, चेकर, प्रबंधक, बोरा भर्ती गांव के माध्यम से ही हो एंव वेतन बढाया जाए। फंड मुंशियो का मानदेय प्रति मानक बोरा 150 रूपये एंव वनोपज क्रय विक्रय तेन्दुपत्ता फंड मुंशियों को दिया जाए। तेन्दुपत्ता संग्रहण भुगतान, बोनस, दुर्घटना का सही मुआवजा पंचायतो के माध्यम से नगद किया जाए, तेन्दुपत्ता संग्रहण करते समय वन्य प्राणियो एंव अन्य कारणों से मृत्यू होने पर मुआवजा राशि 6 लाख 50 हजार रूपये घायल होने पर मुआवजा राशि 4 लाख 50 हजार रूपये मामूली घायल होने पर मुआवजा राशि 60 हजार रूपये दिया जाए। वंनो के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में वन प्रबंधन समिति को पूर्ण जिम्मेदारी दिया जाए, वनोपज का सही मूल्य बढाया जाए।

इन मांगों को लेकर पूर्व में भी हमारे द्वारा तहसील मुख्यालय मैनपुर और जिला मुख्यालय मे उंदती सीतानदी टाईगर रिजर्व कार्यालय का घेराव किया गया था लेकिन अब तक कोई भी मांग पुरा नही हुआ इसलिए मजबूरन हम ग्रामीणों को फिर जिला कलेक्टर कार्यालय में आंदोलन करने मजबूर होना पड़ रहा है।
क्या कहते है किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष

उदंती सीतानदी, राजापडाव किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह नायक ने बताया कि उदंती सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र व राजापडाव क्षेत्र के लगभग 160 गांवो के हजाराें ग्रामीण 22 फरवरी दिन सोमवार को कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद के समाने धरना प्रदर्शन करेंगे पूर्व में भी क्षेत्र के इन समस्याआें को लेकर आंदोलन किया गया था, लेकिन हमारें जायज मांगों के तरफ शासन प्रशासन द्वारा ध्यान नही दिया जा रहा है। मजबूरन आंदोलन करने मजबूर हो रहे है उन्होने आगे बताया आज रविवार रात्रि विश्राम ग्राम जोबा में खुले आसमान के नीचे हजारों क्षेत्र के ग्रामीण करेंगे और कल सोमवार 22 फरवरी को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने गरियाबंद पहुंचेंगे। उन्होंने बताया अभी और भी ग्रामीण क्षेत्र से टैक्टरो के माध्यम से आ रहे है, हमं लोग शांति पूर्वक आंदोलन करने जा रहे हैं ।

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