हड्डी टूटी हो और इलाज कराने के लिए पैसा न हो तो सीधे तुमड़ीबहार आइए… 100 फिसदी जड़ी बूटियों से इलाज
- वैद्यराज पुनारद ओटी जड़ी बुटी के माध्यम से मंत्री, सांसद, विधायक, कलेक्टर एवं हजारों लोगों का सफल इलाज कर चुके हैं
- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद। यदि हड्डी फै्रक्चर हो गया हो और इलाज कराने के लिए ज्यादा पैसा न हो तो चिंता करने की कोई बात नहीं सीधे तुमड़ीबहार चले आइए। यहां आपका जड़ी बुटी के माध्यम से महज 100-200 रूपये में इलाज हो जायेगा। लोगों की सेवा करने का इस काम को 25 वर्ष पहले शुरू किये ग्राम के बुजुर्ग 73 वर्षीय पुनारद ओटी ने बताया अब तक हजारों लोगों का इलाज कर चुके हैं। कई मंत्री, विधायक, सांसद, कलेक्टर बड़े अफसरो व उनके परिजनो का इलाज किये है। उनका कहना है कि उनका परिवार इस काम को आगे भी जारी रखेगा। तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 18 किमी दूर ग्राम तुमड़ीबहार जो नगरी ब्लाॅक धमतरी जिले के अंतर्गत आता है इस गांव में वैद्यराज से इलाज कराने के लिए भारी भीड़ लगी रहती है लेकिन वैद्यराज को इस बात की मलाल है कि आज तक उन्हे शासन प्रशासन द्वारा कोई सम्मान नही मिला और न ही किसी प्रकार की सहायता बावजूद इस बुजुर्ग के भीतर लोगो की सेवा करने का गजब का जज्बा देखने को मिलता है। वैद्यराज पुनारद ने बताया उनके पिता विशाल ओटी से उन्हे यह इलाज करने की प्रेरणा मिली और पिछले 25 वर्षो से लगातार इलाज कर रहे हैं। अब तक हजारो लाखो लोगो का इलाज कर चुके है और तो और कई मंत्री, सांसद, विधायक, कलेक्टर बड़े अफसरों के परिजनो का इलाज करने रायपुर, धमतरी, बस्तर, महासमुंद व पूरे प्रदेश भर जा चुके है अब तक ईश्वर की कृपा से उनके द्वारा सभी का सफल इलाज किया गया है।

वैद्यराज पुनारद ओटी ने बताया सेवाभाव के साथ व कार्य करते हैं।उसके घर में चार एकड़ जमीन है और उनके एक पुत्र है आगे उनके पुत्र भी लोगो की सेवा करेंगे। उन्होंने बताया नारियल अगरबत्ती लेकर लोग आते है और निःशुल्क इलाज वर्षो तक किये लेकिन अब जड़ी बुटी को जंगल के भीतर ढुंढने और निकालने के लिए उन्हे दो तीन दिनो मेहनत करना पड़ता है इसलिए महज 100-200 रूपये ही फीस लेते है। साथ ही जो फीस 100-200 रूपये लिया जाता है उसे वह जड़ी बुटी लाने वाले मजदूरो को देते है। मूलतः खेती किसानी ही उनका जीवन का आधार है उनके परिजनो का भरण पोषण खेती किसानी से होता है। तुमड़ीबहार के वैद्यराज पुनारद ओटी ने बताया उन्हे वन विभाग द्वारा मैनपुर में भी इलाज के लिए औषधि केन्द्र बनाकर दिया गया था लेकिन वन विभाग द्वारा यह औषधि केन्द्र बंद कर देने के कारण अब घर में ही इलाज करते है।
- हड़्डी जोड़ने वाला वैद्यराज के नाम से पूरे प्रदेश में मशहूर है पुनारद ओटी
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व जंगल व प्राकृति की गोद में पलता बढ़ता है यहां अनेक दुर्लभ वन्य प्राणियों के साथ कीमती औषधियां भी है जिनके बारे में लोगों को जानकारियां भी नहीं है। वैद्यराज पुनारद ओटी हड्डी जोड़ने वाले वैद्यराज के नाम से पूरे प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों में भी जाना जाता है।
छत्तीसगढ़ के अलावा ओड़िशा, मध्यप्रदेश से इनके पास इलाज कराने दवा लेने बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते है। उनके द्वारा दावा किया जाता है कि छोटे बच्चे के हड्डी फै्रक्चर होने पर मात्र तीन खुराक और युवा के हड्डी फै्रक्चर होने पर पांच खुराक और बुजुर्ग के हड्डी फै्रक्चर होने पर कुछ समय लगाता है उनके द्वारा दो प्रकार की दवा दिया जाता है। एक दवा लेप लगाकर पट्टी बांधा जाता है और दूसरा खाली पेट में सुबह सेवन करना पड़ता है। साथ ही इसके लिए कुछ परहेज भी जैसे खट्टई, मसाला व तेल से बना सामाग्री दवा लेने के दौरान ग्रहण नही करना है।
- शासन प्रशासन को चाहिए कि ऐसे वैद्य राजों को सम्मान और सहयोग प्रदान किया जाये
आज हमारे प्रदेश में इस तरह के जड़ी बुटी के माध्यम से इलाज करने वाले अनेक वैद्य है जो निस्वार्थ भाव से लोगो की सेवा कर रहे है। शासन प्रशासन को चाहिए कि ऐसे लोगों के सम्मान के साथ ही उन्हे आर्थिक सहयोग किया जाये जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आये साथ ही और वे लोगो की सेवा में दिन रात कार्य कर सके।
