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January 23, 2026

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वकीलों ने एसडीजेएम पर आरोप लगा किया हंगामा, कार्यालय में जड़ा ताला

Lock in office

31 लाख की नगदी संग गिरफ्तार क्रिकेट सट्टा के आरोपी नागर की तत्काल बेल पर बार-बेंच में विवाद गहाराया
जिला जज के साथ वकीलों की वार्ता विफल,आंदोलनकारी वकील जमानत देने वाले मजिस्ट्रेट के तबादले पर अड़े
राउरकेला। शहर के बिरजा पाली स्थित नया कोर्ट परिसर के एसडीजेएम कोर्ट में वकीलों ने मजिस्ट्रेट पर गंभीर आरोप लगाते हुए जम कर ना केवल हंगामा मचाया,बल्कि कोर्ट में ताला जड दिया,जिससे जिला  जज ने मामले को गंभीरता से  लेते हुए उपजे विवाद के समाधान के लिए बार एसोसिएशन की प्रतिनिधियों से बातचीत की, लेकिन वार्ता विफल रहा और आंदोलन रत वकीलों ने एसडीजेएम को टार्गेट करते हुए उनके तबादले तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

Lock in office

बार एसो के अध्यक्ष रमेश बल की अगुवाई में बुधवार के पूर्वाह्न में वकीलों ने एसडीजेएम कोर्ट के सामने हंगामा मचाते हुए 31 लाख से अधिक के साथ पकड़ाये क्रिकेट सटट के आरोपी नागर मल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पेशी पर उन्हें तत्काल बेल देने पर सवाल उठाते हुए नियम कायदे को ताक पर रखने का गंभीर आरोप लगाया,इसके  अंडर टेबल काम होने का भी आरोप लगाते हुए आंदोलन रत वकीलों ने कहा कि अक्सर ऐसे में मामले में बेल तत्काल कोर्ट नहीं देती है,ऐसे में नाकर के प्रति विशेष कृपा के पीछे डील का आरोप लगाया।बहराल एसडीजेएम कोर्ट में ताला जड़ दिया, जिससे पूरे दिन काम काज ठप रहा। विवाद के समाधान व मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी बार एसो ने दी है। उल्लेखनीय है कि विश्व क्रिकेट को लेकर शहर में चल रहे क्रिकेट सट्टा के संचालन में संलिप्त जनता निवास लेन निवासी नागरमल अग्रवाल व देवगांव फर्टिलाइजर निवासी सुनील कुमार सिंघल उर्फ माड पुत्र मुन्ना अग्रवाल की गिरफ्तारी 24 जून की शाम की गयी थी। मुखबिरी के आधार पर जनता निवास लेने निवासी नागर मल अग्रवाल के घर में छापेमारी की गयी,जिसमें भारी मात्रा में नगदी यानी 31 लाख 17 हजार 570 रूपये नगद,17 मोबाइल आदि जब्त किय े गये। इनके खिलाफ जालसाजी व जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दो दिन बाद 26 जून को इन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां नागर की जमानत मंजूर किया गया और सुनील को जेल भेज दिया गया। अमेरिका में पुत्री की विवाह के चलते मानवीय आधार पर जमानत मिलने की  बात कही जा रही है, जो सभी वकीलों को नागवार गुजरी और इसे मुद्दा बनाते हुए आंदोलन किया है।
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