गरियाबंद जिले में रेत माफियाओं का हौसला बुलंद, पत्रकारों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- घटना के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश, पंडित सुन्दरलाल शर्मा चौक में धरना प्रदर्शन शुरू
गरियाबंद। गरियाबंद जिले में अवैध रूप से रेत खदान चलाने वालों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं। कवरेज करने गए पत्रकारों पर हमला करने, मारपीट करने में भी उन्हें कोई गुरेज नहीं। घटना आज पिताईबंद में हुई जहां पहले बहस और मारपीट के बाद स्थिति ऐसी हो गई कि पत्रकारों को जान बचाने कई किलोमीटर पैदल भागना पड़ा। अंततः खेत की झाड़ियां में छिपकर जान बचाने प्रशासन से वीडियो भेजकर गुहार लगानी पड़ी। बड़ा सवाल यह की इतना सब करने की हिम्मत खदान माफिया को किसके संरक्षण से मिल रही है। कौन है इसका असली जिम्मेदार।

पैरी नदी के पितईबंद घाट में अवैध रेत खदान का संचालन किया का रहा था। सूचना मिलते ही जिले के पत्रकार शेख इमरान, थानेश्वर साहू, जितेंद्र सिन्हा मौके पर पहुंच कवरेज करने लगे। अवैध परिवहन में लगे वाहनों को पकड़ने पत्रकारों ने जिला खनिज अधिकारी को सूचना दिया माइनिंग की टिम तो पहुंची नहीं पर खदान संचालक के कई गुर्गे पहुंच गए। पहले पत्रकारों से हुज्जत किया फिर मारपीट शुरू किया तो जान बचाने पत्रकार भागने लगे। बाइक और स्कूटी से गुर्गे पीछा करते रहे किसी तरह पत्रकार जान बचाने खेत खलिहान में छुपे पत्रकार शेख इमरान ने भागते हुए मीडिया के प्रशासनिक ग्रुप में एक वीडियो मेसेज डाल दिया जिसके बाद पुलिस प्रशासन एलर्ट हो गए।
आखिर गरियाबंद जिले मे किसके संरक्षण पर अवैध रेत का खनन हो रहा है क्या इसकी जानकारी प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को नहीं है। आखिर रेत माफियाओ के गुर्गे किसके इशारे पर पत्रकारो पर हमला कर रहे हैं। यह बड़ा सवाल है? इस मामले पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। वहीं दूसरी ओर मिली जानकारी के बाद इस घटना के बाद पूरे जिले के पत्रकार एकजूट हो गये हैं। मोर्चा खोल दिये हैं। पत्रकारों द्वारा राजिम सुन्दरलाल शर्मा चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिये हैं।
