गरियाबंद कलेक्टर के निर्देशों का अब तक नहीं हुआ पालन, आश्रम परिसर में कीचड़ और गंदगी से संक्रमण फैलने का अंदेशा
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- मैनपुर आश्रम परिसर का निरीक्षण कर कलेक्टर ने तत्काल नाली निर्माण का दिया था आदेश
गरियाबंद। तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर के बीचों बीच स्थित आदिवासी बालक आश्रम प्री मैट्रिक छात्रावास, पोस्ट मैट्रिक छात्रावास एवं कन्या छात्रावास चार छात्रावास एक परिसर में संचालित हो रहा है लेकिन परिसर में गंदा पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी मैदान में भर गया है। कीचड़ में तब्दील हो गया है साथ ही इससे उठने वाले दुर्गन्ध बदबु से आश्रम के छात्र छात्राएं परेशान है।

इस परिषर में लगभग 500 छात्र छात्राएं अध्यनरत है। ज्ञात हो कि 20 दिसम्बर 2025 को मैनपुर में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या से गरियाबंद कलेक्टर को अवगत कराया था तो कलेक्टर भगवान सिंह उइके स्वयं आश्रम का निरीक्षण कर जनपद पंचायत मैनपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ सहायक आयुक्त गरियाबंद को तत्काल आश्रम परिसर में जाम हो रहे पानी को निकासी के लिए नाली निर्माण की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। साथ ही आश्रम के आसपास अतिक्रमण हटाने का भी निर्देश दिया था। कलेक्टर भगवान सिंह उइके स्वयं पैदल निरीक्षण कर बच्चो की समस्या को देखते हुए दो दिनों के भीतर अस्थायी नाली निर्माण करने का सख्त निर्देश दिया था लेकिन आज 25 दिनो बाद भी गरियाबंद कलेक्टर के निर्देशों का पालन संबंधित अधिकारियों द्वारा नहीं किया गया।
जिले के कलेक्टर के जब आदेशो का पालन स्थानीय अधिकारियो द्वारा नहीं किया जा रहा है तो इस बात को आसानी से समझा जा सकता है कि वनांचल दूरस्थ क्षेत्र से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को कितना गंभीरता से स्थानीय अधिकारी लेते होंगे। मैनपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके से मांग किया है कि यहां कलेक्टर के आदेशों का पालन नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही किया जाये साथ ही आश्रम परिषर से गंदगी और कीचड़युक्त पानी को बाहर निकासी की तत्काल व्यवस्था किया जाये नहीं तो भी संक्रमक बीमारी फैलने का अंदेशा है जिसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
