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January 23, 2026

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गरियाबंद में स्कूली परीक्षा पर बवाल – प्रश्न पेपर में राम नाम के अपमान का प्रयास, भारी आक्रोश

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • भगवान श्रीराम का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा – योगेश शर्मा
  • जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद सहित जिम्मेदारों पर तत्काल कार्रवाई किया जाये – रामकृष्ण ध्रुव 

गरियाबंद । छत्तीसगढ़ में अब महासमुंद के बाद गरियाबंद जिले में भी सरकारी स्कूल के एक परीक्षा पेपर में प्रश्न को लेकर लोगो में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड मे अर्धवार्षिक परीक्षा कक्षा चैथी के इंग्लिश विषय के प्रश्न पेपर में भगवान राम के नाम का अपमान किया गया है इसकी जानकारी लगते ही हिन्दू संगठन सहित क्षेत्र के वरिष्ठजनों ने इस मामले की गंभीर निंदा करते हुए जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अधिकारी गरियाबंद जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। इस मामले को लेकर मैनपुर नगर में पुतला दहन प्रदर्शन की तैयारी चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार कक्षा चौथी इंग्लिश प्रश्न पत्र में एक सवाल पूछा गया था कि ‘‘मोना के कुत्ते का क्या नाम है ? इस वस्तुनिष्ठ प्रश्न के लिए दिये गये विकल्प में एक विकल्प के रूप में राम नाम लिखा गया था। जैसे ही इसकी जानकारी पालको और हिन्दू संगठन एवं वरिष्ठजनों तक पहुंची तो लोगों ने इस मामले को लेकर कड़ी निंदा करते हुए कहा है करोड़ो लोगो के आस्था के केन्द्र भगवान के नाम का प्रश्न पत्र में अपमान करने का प्रयास किया गया है जो घोर अपमानजनक है। इस मामले को राज्य सरकार को तत्काल संज्ञान में लेना चाहिए और जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद को तत्काल बर्खास्त कर कार्यवाही किया जाना चाहिए।

  • भगवान श्रीराम का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा – योगेश शर्मा

भाजपा गरियाबंद जिले के पूर्व जिला उपाध्यक्ष पंडित योगेश शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एक दुःखद वाकया सामने आई जिसमें श्वान के नाम के चार विकल्पों में राम नाम का भी विकल्प दिया गया, यह एक दुःखद व निंदनीय कृत्य है। प्रशासन को इस तरह के कृत्य पर तत्काल सख्त कार्रवाई किया जाना चाहिए। भगवान श्रीराम भारत की आत्मा है। उनके नाम का इस तरह से अपमान जनक उल्लेख किया जाना शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना हरकत को दर्शाता है। शिक्षा विभाग के इस कृत्य से शासन की छवि धूमिल हुई है। इस कृत्य पर जिम्मेदारों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मिलकर किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा शिक्षा विभाग का जिला प्रमुख होने के नाते जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि प्रश्न पेपर प्रकाशन के पूर्व पूरी तरह से उसकी जाँच पश्चात ही प्रकाशन की अनुमति दी जाए, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित समस्त जिम्मेदारों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से नहीं किया।

ब्लाॅक कांग्रेस अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव ने भी मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा शिक्षा मंत्री से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार तत्काल कार्रवाई किया जाए।

श्री ध्रुव ने बताया कि पालकों के माध्यम से यह मामला सामने आया है जो काफी निंदनीय है। प्रश्न पत्र में राम नाम के अपमान का प्रयास किया गया है।

श्री ध्रुव ने कहा इस मामले की निष्पक्षता से जांच किया जाना चाहिए। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के शिक्षामंत्री से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार है। परीक्षा प्रश्न पत्र के एक सवाल में भगवान श्रीराम के नाम पर एक आपत्तिजनक उल्लेख किया गया है जो किसी हाल मे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। यह शिक्षा विभाग के कुत्सित मानसिकता को दर्शाता है। इस गंभीर लापरवाही पर अब तक न ही शासन के मंत्री और सत्ता पक्ष के नेताओं की कोई प्रतिक्रिया नहीं आना भी गंभीर सवाल को पैदा करता है। श्री ध्रुव ने कहा इस गंभीर मामले पर भाजपा नेताओं की चुप्पी समझ से परे हैं।भगवान श्रीराम समस्त मानव जाति और हमारे जीवन का आधार है। हमारे अराध्य देव है और हम अपने अराध्य का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।