Recent Posts

February 13, 2026

समाचार पत्र और मीडिया है लोकतंत्र के प्राण, इसके बिन हो जाता है देश निष्प्राण।

स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्यकारों और पत्रकारों ने भी निभाई प्रमुख भूमिका

  • साहित्य अकादमी के राष्ट्रीय सम्मेलन में कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा का व्याख्यान

दिनांक 10 अगस्त, 2021। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बल्देव भाई शर्मा को “आज़ादी के अमृत महोत्सव” के अवसर पर “साहित्य और भारत छोड़ो आंदोलन” विषय पर साहित्य अकादमी द्वारा मुम्बई में आयोजित साहित्य के राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता हमें बातों से नहीं मिली है। स्वतंत्रता के लिए हमारी पीढ़ियों ने संघर्ष किया है।

भारत का इतिहास गुलामी का इतिहास नहीं है, भारत का इतिहास सतत संघर्ष का इतिहास रहा है। उस दौर में साहित्यकारों एवं पत्रकारों ने एक-एक शब्द को अग्नि बनाकर सृजित किया था। उसी साहित्य ने भारतीय जनमानस में स्वाधीनता की चेतना का संचार किया। आज हमें हमारी आत्मिक चेतना को नई पीढ़ी को संचारित करने की आवश्यकता है। प्रो. शर्मा ने कहा कि यह गर्व एवं आनंद का विषय है कि साहित्य अकादमी द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव ऐसे स्थान पर मनाया जा रहा है जो स्थान स्वतंत्रता आंदोलन का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्यकारों और पत्रकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

साहित्य अकादमी द्वारा मुम्बई में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के प्रमुख साहित्यकार शामिल हुए। 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में साहित्य अकादमी द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *