रिटर्निंग अफसर की लापरवाही,6 दिन प्रचार के बाद बदल दिया चुनाव चिन्ह,प्रत्याशियों में आक्रोश – न्यायालय जाने की तैयारी
कोण्डागांव,पंचायत चुनाव में चुनाव चिन्ह आवंटन को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। मामला बडेराजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत है। जहां कई प्रत्याशियों का 6 दिन चुनाव प्रचार करने के पश्चात चुनाव चिन्ह ही बदल दिया गया। इस अजीबोगरीब फैसले से प्रत्याशी सकते में आ गए हैं। खास बात यह कि यह केवल एक दो नहीं बल्कि कई जगहों पर हुआ है। जिसमें सरपंच से लेकर जनपद पंचायत एवं वार्ड पंच तक के प्रत्याशियों के साथ ऐसा धोखा हुआ है।
केस क्रमांक 1

जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 7 सलना में 9 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया जिसमें बंसी साहू, डी एस साहू, प्रभु लाल साहू एवं केशव सिंह ठाकुर कुल 4 प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया। जिसमें रिटर्निंग अधिकारी ने तीसरे नंबर के प्रत्याशी प्रभु लाल साहू एवं चौथे नंबर के प्रत्याशी केशव सिंह ठाकुर के बीच पेंच फंसा दिया। जहां प्रभु लाल साहू को ट्रैक्टर छाप चुनाव चिन्ह मिलना था किंतु यह चुनाव चिन्ह केशव सिंह ठाकुर को दे दिया और प्रभु लाल साहू को झोपड़ी छाप दिया गया। मामला यहीं तक हो तो समझ आता है किंतु 6 दिन के चुनाव प्रचार एवं बैनर पोस्टर पाम्पलेट लगने के बाद एकाएक केशव सिंह ठाकुर को चुनाव कार्यालय जनपद पंचायत बड़ेराजपुर से 14 जनवरी की शाम 6 बजे फोन आया कि आप तत्काल चुनाव कार्यालय बड़े राजपुर पहुंचे। यह बहुत अर्जेंट है। तत्पश्चात वहां पहुंचने पर बताया गया कि आप लोगों को जो चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ था, वह गलत हुआ है। आप का चुनाव चिन्ह बदलना पड़ेगा अब आपका ट्रैक्टर छाप की जगह झोपड़ी छाप होगा। यह सुनकर केशव सिंह ठाकुर जो कि अधिवक्ता एवं जनपद उपाध्यक्ष भी हैं, सकते में आ गये तथा उसने कहा कि वह 6 दिन चुनाव प्रचार कर चुका है तथा इसमें उसकी कोई गलती भी नहीं है। इसलिए उसे ट्रैक्टर छाप में ही प्रचार करने का अवसर दें किंतु अधिकारियों ने उसे साफ तौर पर कह दिया कि अब तुम्हारा ट्रैक्टर छाप की जगह झोपड़ी छाप ही होगा। अब केशव सिंह ठाकुर के सामने कोई रास्ता नहीं बचा है। वह मतदाताओं से पूर्व में ट्रैक्टर छाप में वोट देने की अपील कर चुका है ,उसे सुधारने में उसे कितनी सफलता मिलेगी यह तो चुनाव परिणाम ही बता पाएगा ।
केस नंबर दो- ग्राम पंचायत मारंगपुरी की सरपंच केशनबाई मरकाम ने 6 दिनों से नारियल छाप पर प्रचार किया तत्पश्चात रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा उन्हें सूचना दी गई कि उसे पूर्व में जो चुनाव चिन्ह मिला है, वह गलत है। वह तत्काल उनसे संपर्क कर चुनाव शाखा जनपद पंचायत कार्यालय बड़ेराजपुर से नया चुनाव चिन्ह प्राप्त कर लें। तत्पश्चात वह भागी दौड़ी जब रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुंची तो केशन बाई को गिलास छाप थमा दिया। इसके पूर्व नारियल छाप के लिए प्रचार कर चुकी थी तथा पांपलेट पोस्टर बैनर वितरण कर चुकी थी। अब उसे पूर्व में बांटे गए सामग्री को समेट कर नए चुनाव चिन्ह के लिए पुनः प्रचार करना पड़ रहा है।
केस नं 3-ग्राम पंचायत बस्तर बुडरा में सरपंच पद के प्रत्याशी कमितला नेताम को गिलास छाप चुनाव चिन्ह मिला था। प्रत्याशी ने 6 दिन तक धुआंधार प्रचार प्रसार किया तथा पंपलेट बैनर चिपकाए किंतु 6 दिन बाद उसे चुनाव चिन्ह बदलकर चश्मा छाप दे दिया गया। फिर उसने 6 दिन बाद मतदाताओं को हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए चुनाव चिन्ह बदलकर प्रचार शुरू किया। प्रत्याशी को दोबारा चुनाव पोस्टर पंपलेट बैनर बनवाना पड़ा है।
केस नंबर 4-बांसकोट पंचायत में वार्ड क्रमांक 15 में कुल 4 प्रत्याशियों को 9 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था। तब यहां एक प्रत्याशी आसकरण साहू को सीढ़ी छाप एवं दूसरे प्रत्याशी आत्माराम सिन्हा को गिलास छाप मिला था किंतु 6 दिन के प्रचार-प्रसार के बाद दोनों के चुनाव चिन्ह में अदला-बदली करने कहा गया है।
दोबारा भी कर दिया गलती
9 जनवरी को बांसकोट के वार्ड क्रमांक 15 में चुनाव चिन्ह आवंटन किया गया था। 6 दिन बाद गलती सुधार कर 15 जनवरी को पुनः नया चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया किंतु इस बार भी बड़ी चूक किया गया है जहां आस्करण साहू पहले नंबर पर होना चाहिए वहां आत्माराम सिन्हा को पहले नंबर पर दिया गया है। अब इसके बाद यह गलती कब सुधारा जाएगा इसे लेकर प्रत्याशी परेशान हैं। प्रत्याशियों में अब भी असमंजस है कि वे अब प्रचार करें या पुनः गलती सुधारकर फिर एक बार चुनाव चिन्ह बदला जाएगा।
प्रत्याशी परेशान हैं कि वे पाम्पलेट ,बैनर एवं नकली मतपत्र तक बांट चुके हैं। अब चुनाव चिन्ह बदलने से पूरा मामला ही बिगड़ जाएगा। मामले को लेकर एक प्रत्याशी न्यायालय की शरण लेने की बात कही है।
चुनाव चिन्ह आवंटन में गलती हुई थी उसे सुधारा जा रहा है— रिटर्निंग अधिकारी
रिटर्निंग अधिकारी बडेराजपुर विश्रामपुरी तहसीलदार एचआर नायक ने इसे स्वीकारते हुए बताया कि कहीं-कहीं त्रुटियां हुई थी जिसे कलेक्टर कोंडागांव की अनुमति से सुधारा जा रहा है। जनपद पंचायत में भी गलती हुई है जिसे कमिश्नर बस्तर संभाग की अनुमति से सुधारा जा रहा है।


