मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साहित्यकार और वरिष्ठ पत्रकार श्री परितोष चक्रवर्ती के निधन पर गहरा दुख प्रकट की
- शिखा दास, रायपुर- महासमुंद
मुख्यमंत्री बघेल ने श्री चक्रवर्ती के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है ।

लेखक पत्रकार परितोष चक्रवर्ती का रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर में कैंसर से निधन। निधन की जानकारी परितोष चक्रवर्ती के पुत्र परिचय.चक्रवर्ती ने दिया।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्री परितोष चक्रवर्ती ने आजीवन पत्रकारिता और साहित्य की सेवा की । वे अंतिम समय तक सक्रिय रहे, उनका निधन पत्रकारिता और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है ।
आज सुबह 5.30 बजे श्री परितोष चक्रवर्ती ने अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार के लिए उनका पार्थिव देह आज दोपहर 3 बजे निज निवास-सी-401, अशोका रतन, खम्हारडीह, रायपुर से देवेन्द्र नगर मुक्तिधाम के लिए ले जाया जाएगा ।
परितोष चक्रवर्ती साहित्यकार होने के साथ ही लंबे समय तक कई पत्र पत्रिकाओं का संपादन किया ।वे रविवार और दिनमान से जुड़े रहे । बाद में एसईसीएल में जनसंपर्क विभाग में नौकरी की । नौकरी में आने के बाद भी पत्रकारिता से उनका जुड़ाव कम नहीं हुआ । नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृति लेकर वे फिर पत्रकारिता में लौट गए । दिल्ली से उन्होंने लोकायत पाक्षिक का संपादन शुरू किया ।
उल्लेखनीय यह कि अस्पताल में भर्ती होने तक वे पत्र पत्रिकाओं में लिखते रहे । पिछले एक दशक से दिल्ली की मासिक पत्रिका नई सदी के संपादक थे। बीती रात तक कोई नहीं जानता था कि वो आज सुबह नहीं मिलेंगे ।
क्यों कि ब्लड के लिए.. यह वायरल था सोशल मीडिया मे ।
बीती रात्रि तक यह वायरल भी हुआ पर उन्हें नहीं बचाया जा सका । बाँग्लाभाषी होते हुए भी हिन्दी पत्रकारिता साहित्यिक लेखन कविता मे उनके अतुलनीय योगदान को कभी नहीं विस्मृत नहीं किया जा सकता ।वो एक जीवट लेखक थे ।
राष्ट्रीय दैनिक जनसत्ता मे भी उन्होंने लिखा । ।
: जब मै (शिखादास) दैनिकजनसत्ता मे लिखती थी तो हमेशा उनका मार्गदर्शन एक गुरु सदृश मिला । प्रोत्साहन हौसलाहमेशा मिलता रहा ।
उनके लेखन को पत्रकारिता साहित्यिक जगत हमेशा याद रखेगा। उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धाँजलि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ।

What i do not realize is in fact how you’re now not actually a lot more smartly-liked than you might be now. You’re very intelligent. You know thus significantly on the subject of this matter, produced me in my view believe it from so many various angles. Its like men and women aren’t interested except it is something to do with Woman gaga! Your personal stuffs great. All the time deal with it up!
I truly enjoy studying on this website, it has got fantastic content. “And all the winds go sighing, For sweet things dying.” by Christina Georgina Rossetti.
certainly like your web site but you have to check the spelling on quite a few of your posts. Many of them are rife with spelling issues and I find it very bothersome to tell the truth nevertheless I’ll definitely come back again.
With havin so much written content do you ever run into any issues of plagorism or copyright infringement? My site has a lot of unique content I’ve either authored myself or outsourced but it looks like a lot of it is popping it up all over the internet without my authorization. Do you know any solutions to help reduce content from being stolen? I’d definitely appreciate it.