आदिवासी छात्र की मौत पर कांग्रेस की जांच टीम ने गरियाबंद कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौंप दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- बड़े गोबरा आश्रम में छात्र की मौत पर कांग्रेस का बड़ा खुलासा, लापरवाही उजागर, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
गरियाबंद । गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखण्ड के शासकीय आदिवासी बालक आश्रम में समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण और आश्रम प्रबंधन की लापरवाही के चलते कक्षा सातवीं के एक आदिवासी छात्र की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। अभी तक आश्रम अधीक्षक व संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया है जिसके कारण दो दिन पूर्व आदिवासी समाज द्वारा भी रैली निकाल कर ज्ञापन सौंपा गया है। चक्काजाम की चेतावनी दिया गया है। इस मामले में गरियाबंद जिला कांग्रेस की एक जाॅच टीम ने आश्रम का निरीक्षण कर अपना रिपोर्ट आज कलेक्टर को सौंपा है जिसमें छात्रावास में 66 बिस्तर में 115 छात्रों को प्रवेश देने के साथ ही कई गंभीर आरोप लगाते हुए आश्रम अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही की मांग किया है।

मैनपुर विकासखण्ड के आदिवासी बालक आश्रम बड़ेगोबरा में अध्ययनरत छात्र की आश्रम प्रबंधन की लापरवाही से दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद द्वारा गठित जांच कमेटी ने स्थल निरीक्षण कर जो तथ्य सामने लाए हैं, वे अत्यंत चिंताजनक और शासन-प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करने वाले हैं। जांच में स्पष्ट हुआ कि आश्रम में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं है। करोड़ों रुपए के बजट के बावजूद न तो आरओ मशीन की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त जल शुद्धिकरण सुविधा। भवन जर्जर अवस्था में है, बरसात में छत से पानी टपकता है। बच्चों को दिए जाने वाले चादर, कंबल एवं गद्दे निम्न स्तर के पाए गए। स्वास्थ्य व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो रहा है। चिरायु दल की रिपोर्ट में लगातार खुजली एवं दूषित पानी की समस्या का उल्लेख होने के बावजूद सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। इस पूरे मामले में जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आदिवासी विकास के नाम पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासी बच्चों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के साथ अन्याय है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
आश्रम में पदस्थ अधीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। नियमानुसार 24 घंटे की जिम्मेदारी होने के बावजूद उनकी उपस्थिति सीमित समय तक ही रही। जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में आज जांच प्रतिवेदन सहित अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया और मांग की गई कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा आश्रम की सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त की जाएं। ज्ञापन सौंपने वालों में संजय नेताम (जिला पंचायत सदस्य), रामकृष्ण ध्रुव (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर), गेंदू यादव (महामंत्री, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर) एवं छगन यादव (वरिष्ठ पार्षद, नगर पालिका गरियाबंद) शामिल थे। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी विद्यार्थियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए यह लड़ाई अंतिम निर्णय तक जारी रहेगी।
