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September 6, 2026

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देहारगुड़ा पुल अधुरा, बच्चों के जान जोखिम में, सरकार क्या दुर्घटना का इंतजार कर रही है – लोकेश्वरी नेताम

  • शेख हसन खान, गरियाबंद
  • जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने शासन प्रशासन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया
  • कहा- देहारगुड़ा पुल में जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं स्कूली बच्चे, प्रशासन मौन

गरियाबंद । गरियाबंद जिले के आदिवासी मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत आने वाले देहारगुड़ा-खमभाटा मार्ग पर अधूरा पड़ा पुल अब आदिवासी मासूम बच्चो की जान का दुश्मन बन गया है। भाजपा सरकार की उपेक्षा के चलते स्कूली बच्चे और ग्रामीण रोज जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और अधूरे पुल को पार करने पर मजबूर हैं। मामले की जानकारी सार्वजनिक होने के बावजूद अब तक शासन-प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा है शायद शासन प्रशासन के जिम्मेदार बड़ी दुर्घटना का इंतिजार कर रहे हैं।

उक्त बाते जिला पंचायत गरियाबंद के सदस्य एवं आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमति लोकेश्वरी नेताम ने सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा अखबारों और मीडिया के जरिए पूरी स्थिति सरकार और प्रशासन के संज्ञान में आ चुकी है, लेकिन बेहद दुखद है कि अब तक कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। इससे साफ जाहिर होता है कि वर्तमान सरकार को आदिवासी अंचल के लोगों, उनके विकास और मासूम बच्चों की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।

  • हादसे का इंतजार कर रहा विभाग

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं। जरा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकती है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अधूरे पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया और आवागमन की सुरक्षित व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।