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September 5, 2026

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गरियाबंद के गिरीश शर्मा को मिलेगा राज्यपाल पुरस्कार-राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए हुआ चयन

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शिक्षक दिवस पर लोक भवन में माननीय शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

गरियाबंद। शिक्षा को रोचक, जीवंत और विद्यार्थियों के लिए आकर्षक बनाने के अभिनव प्रयासों के लिए अपनी अलग पहचान बनाने वाले गरियाबंद के सहायक शिक्षक गिरीश कुमार शर्मा का चयन राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए हुआ है। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में माननीय शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।गिरीश कुमार शर्मा के चयन की खबर मिलते ही गरियाबंद जिले के शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यार्थियों के बीच शिक्षा को सहज, सरल और आनंददायी बनाने के उनके प्रयासों को राज्य स्तर पर मिली यह पहचान जिले के लिए गौरव का विषय है।

  • विद्यालय को बनाया ट्रेन, हर डिब्बा बना शिक्षा का माध्यम

गिरीश कुमार शर्मा के शैक्षणिक नवाचारों की सबसे खास पहचान उनका “शिक्षा की ट्रेन” का अभिनव प्रयोग है। उन्होंने विद्यालय के पूरे परिसर में प्रिंट रिच वातावरण तैयार करते हुए विद्यालय को ही एक ट्रेन का स्वरूप देने का प्रयास किया।

विद्यालय के विभिन्न हिस्सों को ट्रेन के अलग-अलग डिब्बों की तरह सजाया गया, जहां दीवारों, कक्षों और शैक्षणिक स्थानों को विद्यार्थियों के सीखने के लिए उपयोगी सामग्री से सजाया गया। इस पहल का उद्देश्य यह रहा कि विद्यार्थी विद्यालय में प्रवेश करते ही चारों ओर उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री के माध्यम से सहज रूप से सीखते रहें। किताबों तक सीमित शिक्षा को विद्यालय के वातावरण का हिस्सा बनाने की यह पहल बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी। दीवारें बोलें, परिसर सिखाए और हर कदम पर ज्ञान मिले—इसी सोच को शिक्षा की ट्रेन के माध्यम से साकार करने का प्रयास किया गया।

गिरीश कुमार शर्मा ने विद्यालय को केवल पढ़ाई की जगह न मानकर उसे ऐसा सीखने का केंद्र बनाने पर जोर दिया, जहां विद्यार्थी खेल-खेल में, देखकर और पढ़कर निरंतर नई चीजें सीख सकें।

  •  2019 से लगातार सम्मानित हो रहे गिरीश शर्मा

शिक्षा के क्षेत्र में गिरीश शर्मा के योगदान को विभिन्न स्तरों पर लगातार पहचान मिलती रही है। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत शिक्षा दूत पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया। 5 सितंबर 2024 को शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा उन्हें उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 एवं 2026 में जिला स्तरीय योग दिवस समारोह में भी उनके योगदान के लिए सम्मान मिला।

वर्ष 2023 में अकादमिक कार्य के लिए जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। इसी प्रकार पढ़ई तुंहर दुआर योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 सितंबर 2020, 2021 तथा पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 में उत्कृष्ट कार्य के लिए 26 जनवरी 2022 को सम्मानित किया गया। जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा द्वारा आयोजित जिला स्तरीय मातृ सम्मेलन में विशेष सहयोग के लिए 10 फरवरी 2023 को भी उन्हें सम्मानित किया गया।

  • कोविड काल में भी जारी रखी शिक्षा

कोविड-19 महामारी के दौरान जब विद्यालयों में नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं, तब गिरीश शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। नियमित ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन , मोहल्ला क्लास तथा “पढ़ई तुंहर दुआर” अभियान के लिए स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। कोविड काल में उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा भी उन्हें प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। उनका मानना रहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, विद्यार्थियों की पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने तकनीक और नवाचार को शिक्षण का माध्यम बनाया।

  • राष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान

गिरीश कुमार शर्मा को शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए राष्ट्रीय एवं विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर भी सम्मान प्राप्त हुआ है। अगस्त 2023 में इंदौर में आयोजित समारोह में भारत श्री राष्ट्रीय अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया गया। दिसंबर 2023 में अयोध्या में आयोजित समारोह में स्वदेश भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं भोपाल में आयोजित समारोह में भारत भूषण अवार्ड से भी उन्हें सम्मानित किया गया। 14 जनवरी 2024 को रायपुर में आयोजित आचार्य चाणक्य स्मृति समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

  • शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी

गिरीश शर्मा शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। जिलाधीश द्वारा आयोजित सद्भावना मैच में विशेष सहयोग के लिए उन्हें सम्मानित किया गया।

शासकीय वीर सुरेंद्र साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गरियाबंद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की।

इसके अलाव। शून्य निवेश आधारित गतिविधियों के लिए प्रशंसा-पत्र। समावेशी शिक्षा आधारित शिविर में सम्मान। NIEPA द्वारा प्रशस्ति-पत्र। शून्य निवेश आधारित शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता के लिए सम्मान। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्थान द्वारा शिक्षक दिवस पर सम्मान।संवाद से समाधान शिविर में सहभागिता। शिक्षक साहित्य परिषद द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में माननीय संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा सम्मान। निर्वाचन कार्य में विशिष्ट योगदान के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सम्मान।

जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह 2024 में जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति-पत्र।

जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह 2024 में जिला प्रशासन द्वारा प्रशस्ति-पत्र।वर्ष 2026 में राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा सम्मान। जैसी अनेक उपलब्धियां उनके नाम दर्ज हैं।

  • उपलब्धियों की लंबी सूची बनी राज्य सम्मान की मजबूत पृष्ठभूमि

गिरीश कुमार शर्मा की उपलब्धियों को देखें तो उनके सम्मान का दायरा केवल एक संस्था या एक विभाग तक सीमित नहीं रहा। शिक्षा, अकादमिक गतिविधि, ऑनलाइन शिक्षण, नवाचार, समावेशी शिक्षा, सामाजिक सहभागिता, निर्वाचन कार्य, योग एवं सांस्कृतिक गतिविधियों सहित अनेक क्षेत्रों में उनके योगदान को अलग-अलग मंचों पर सराहा गया है।

विशेष रूप से विद्यालय को प्रिंट रिच वातावरण में बदलना और विद्यार्थियों के लिए “शिक्षा की ट्रेन” की अवधारणा विकसित करना उनके अभिनव शिक्षण दृष्टिकोण को दर्शाता है।

  • चयन की खबर से जिले में खुशी

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए गिरीश कुमार शर्मा के चयन की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग एवं जिले के शिक्षकों में उत्साह का माहौल है।

  • जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर, शासकीय वीर सुरेंद्र साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य 

प्रो. आर.के. तलवरे, नवीन कन्या महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जी.एस. दास, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा शिवेश शुक्ला, गौरव गरियाबंद नोडल श्याम चंद्राकर, सहायक परियोजना अधिकारी बुद्ध विलास सिंह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी गजेंद्र ध्रुव, संकुल प्राचार्य वंदना पांडे, प्राचार्य गण बंटी राय ,शबाना मेम, व्याख्याता रेखा शुक्ला, ब्लाक नोडल संजीव साहू, सहायक प्राध्यापक गण सी.एल. तारक, डॉ. नीलाम्बर पटेल, चंद्रभान पटेल, डॉ. सत्यम कुंभकार, परमेश्वर निर्मलकर, नितिन वखारिया, नंदकुमार रामटेके दल प्रसाद साहू, सूरज राव महाडिक, देवेन्द्र पांडे, दीपक सरवैया, व्यंकटेश साहू,ज्ञानेन्द्र शर्मा,सलीम मेमन, लकेश साहू, चैन सिंह यादव, देवेन्द्र कांशी, लोकेश सोनवानी, नारायण चंद्राकर, दानवीर साहू, जितेन्द्र सोनवानी, शिव साहू,गीता चंद्राकर, टी. आमदे, मीना यादव सहित अनेक अधिकारियों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। गिरीश कुमार शर्मा ने राज्यपाल पुरस्कार के लिए नाम घोषित होने पर इसका श्रेय माता जी एवं पिता जी के आशीर्वाद, उच्चधिकारियों के उत्साह वर्धन, साथी शिक्षको, शुभ चिंतकों एवं परिजनों के स्नेह एवं मार्गदर्शन को दिया.

  • सम्मान से बढ़ा गरियाबंद का गौरव

गिरीश कुमार शर्मा का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए चयन उनके व्यक्तिगत शिक्षकीय जीवन की बड़ी उपलब्धि होने के साथ-साथ गरियाबंद जिले के लिए भी गौरव का विषय है।

एक ओर जहां उन्होंने तकनीक के माध्यम से कठिन समय में भी शिक्षा को विद्यार्थियों तक पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर विद्यालय के वातावरण को ही सीखने का माध्यम बनाने की दिशा में अभिनव प्रयोग किया। “शिक्षा की ट्रेन” के माध्यम से उनका संदेश स्पष्ट है कि शिक्षा केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यालय का पूरा वातावरण बच्चों के लिए एक जीवंत पाठशाला बन सकता है।

  • शिक्षा की ट्रेन अब राज्य स्तर पर दौड़ेगी

विद्यार्थियों के लिए विद्यालय को ट्रेन के डिब्बों का रूप देकर सीखने को रोचक बनाने वाले गिरीश कुमार शर्मा अब राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2026 से सम्मानित होकर गरियाबंद की शिक्षा का गौरव बढ़ाएंगे। उनका यह चयन जिले के उन सभी शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी नवाचार के माध्यम से शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं।