आदिवासी छात्र के मौत के मामले पर अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रतिनिधि मंडल मुलाकात कर कार्यवाही की मांग करेगी
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- बैठक में लिया गया निर्णय-आश्रम अधीक्षक पर अब तक नहीं हुई कार्यवाही, पीड़ित परिवार को मुआवजा भी नहीं मिल पाया फिर किया जाएगा आंदोलन
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर अंतर्गत बड़ेगोबरा आश्रम अधीक्षक की लापरवाही और समय पर इलाज नहीं करवाने के चलते एक आदिवासी छात्र का इलाज के अभाव में 6 माह पूर्व मौत हो गया था तब आश्रम अधीक्षक पर लापरवाही का आरोप लगाते क्षेत्रवासियों ने आंदोलन किया था। और उच्च अधिकारियों ने इस मामले मे जांच कमेटी गठित कर कार्यवाही करने की बात कही थी लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ बल्कि पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे वरिष्ठजनों के ऊपर 6 माह बाद एफआईआर की कार्यवाही किये जाने से यह मामला अब तुल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर आज जनपद सदस्य सुकचंद ध्रुव के नेतृत्व में बैठक आयोजित किया गया जिसमें बड़ी संख्या मे क्षेत्र के लोग शामिल हुए। और बैठक मे सर्वसमत्ति से निर्णय लिया गया है कि इस मामले को लेकर क्षेत्रवासियो का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव एवं आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम से मुलाकात कर उन्हे ज्ञापन सौंपा जायेगा। उसके बाद भी यदि संबंधित दोषियों पर कार्यवाही नहीं किया जाता तो क्षेत्रवासी सड़क की लड़ाई लड़ने मजबूर होगी।

- यह है घटनाक्रम
तहसील मुख्यालय मैनपुर से 03 किमी दूर ग्राम भाठीगढ़ में बड़ेगोबरा के नाम से संचालित आदिवासी बालक आश्रम के छात्र राघव मंडावी की इलाज के अभाव में और तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू के लापरवाही के चलते 6 माह पूर्व जनवरी 2026 में इलाज के दौरान मौत हो गया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र मे जहां एक ओर कांग्रेस द्वारा उग्र प्रदर्शन कर पीड़ित परिवार को मुआवजा की मांग किया गया था। वही दूसरी ओर आदिवासी समाज द्वारा छात्र राघव मंडावी की मौत पर आश्रम अधीक्षक की लापरवाही का आरोप लगाते हुए नेशनल हाइवे 130 सी मैनपुर देवभोग मार्ग मे 19 फरवरी को चक्काजाम किया गया था। इस दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर एफआईआर दर्ज कर पीड़ित परिवार को एक करोड़ रूपये मुआवजा देने की मांग किया गया था। तब आंदोलन कर रहे ग्रामीणो के पास आदिवासी सहायक आयुक्त गरियाबंद लोकेश्वर पटेल, एसडीओपी पुलिस ओमप्रकाश खुजुर, तहसीलदार सहित प्रशासन के आलाअफसर पहुंचकर लिखित मे आश्वासन दिया था कि छात्र की मौत के मामले का निष्पक्ष जॉच के लिए एक जॉच समिति का गठन कर जॉच करवाई जोयगी और दोषियों पर कार्यवाही किया जायेगा साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जायेगा। अफसरो के समझाइस के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम स्थगित कर दिया गया लेकिन इस मामले मे अब 06 माह बाद भी न तो जॉच कमेटी का रिपोर्ट सार्वजनिक किया गया और न ही पीड़ित परिवार को मुआवजा मिला। उल्टा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगो पर 06 माह बाद एफआईआर किये जाने की जानकारी लगते ही क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मामले को लेकर आज क्षेत्र मे विशाल बैठक का आयोजन किया गया जिससे आदिवासी छात्र की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है और इस मामले को लेकर तथा तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर तत्काल एफआईआर की कार्यवाही की गई है। साथ ही जॉच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के अलावा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने एवं एफआईआर को वापस लेने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन चक्काजाम, कलेक्टर कार्यालय घेराव करने की तैयारी किया जा रहा है।
जनपद पंचायत मैनपुर के सदस्य एवं आदिवासी नेता सुकचंद ध्रुव, आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव, महामंत्री गेंदु यादव, तनवीर राजपूत, आदिवासी नेता टीकम कपिल, खेदु नेगी, डोमार साहू, सज्जन सिंह देववंशी, जनपद सदस्य प्र्रताप मरकाम, पिलेश्वर सोरी, निहाल नेताम, नजीब बेग, तीवकुमार सोनी, पारेश्वर नेगी, पारेश्वर नेताम, भुनेश्वर नेगी, सोहन नागेश, दुलेन्द्र नेगी, रामभरोसा, पवन जगत, बृजलाल सोनवानी ने बताया इस मामले को लेकर अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, आदिवासी विकास मंत्री रामविचार नेताम से एक सप्ताह के भीतर मुलाकात कर उन्हे ज्ञापन सौंपा जायेगा उसके बाद इस मामले में आंदोलन किया जायेगा।
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी जिम्मेदार आश्रम प्रबंधन पर कार्यवाही करने की बात कही
– मैनपुर पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को छात्र राघव मंडावी के परिजनो ने मुलाकात कर आवेदन दिया और न्याय की गुहार लगाई जिस पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आदिवासी छात्र की आश्रम प्रबंधन के लापरवाही से मौत होती है। इस मामले मे जॉच कर आश्रम प्रबंधन पर कार्यवाही करने के बजाय न्याय मांगने वाले लोगो पर एफआईआर करना बड़ा दुर्भाग्यजनक है। इस मामले पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही करवाई जायेगी।
