Recent Posts

August 4, 2026

समाचार पत्र और मीडिया है लोकतंत्र के प्राण, इसके बिन हो जाता है देश निष्प्राण।

आरक्षण पर आपत्तिजनक टिप्पणी निंदनीय – श्रीमती लोकेश्वरी नेताम

  • शेख हसन खान, गरियाबंद

गरियाबंद। आदिवासी महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने आरक्षण को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारतीय संविधान, सामाजिक न्याय और आरक्षित वर्गों के सम्मान पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ने और समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

श्रीमती नेताम ने कहा कि डॉ. अनिल द्विवेदी द्वारा फेसबुक पर आरक्षण के संबंध में की गई विवादित टिप्पणी से प्रदेशभर में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी की दया या कृपा नहीं, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा सामाजिक और शैक्षणिक रूप से वंचित वर्गों को समान अवसर प्रदान करने की व्यवस्था है। ऐसे में आरक्षण के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग केवल आरक्षित वर्गों का ही नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का भी अपमान है। श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने राज्य सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में नफरत फैलाने वाले ऐसे कृत्यों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।