विष्णुदेव सरकार की बड़ी सौगात – 35 करोड़ की लागत से एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य युद्धगति से जारी
- आदिवासी अंचल में शिक्षा का अलख जगाने महत्वकांक्षी योजना अब अंतिम चरण में, जल्द मिलेगी विशाल सर्व सुविधायुक्त भवन की सौगात
- डिजिटल और आरामदायक आवास, खेल स्टेडियम, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सभी सुविधा होगी उपलब्ध
- शेख हसन खान, गरियाबंद
गरियाबंद जिले के मैनपुर आदिवासी विकासखण्ड क्षेत्र को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ी सौगात दिया है। आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए एकलव्य विद्यालय मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर 2021 को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय निर्माण के लिये वर्चुअल माध्यम से आधार शिला भूमिपूजन किया था लेकिन जहां पर भूमिपूजन किया गया था वहां पर्याप्त जगह के अभाव में करोडो रूपये राशि स्वीकृत होने के बावजूद भवन निर्माण कार्य चार साल बाद प्रारंभ हुआ। हांलाकि एकलव्य विद्यालय मैनपुर के नाम से गरियाबंद क्षेत्र के पीपरछेडी में संचालित किया जा रहा है जहां लगभग 480 आदिवासी छात्र अध्यनरत है।
छत्तीसगढ़ मे ढाई वर्ष पूर्व विष्णुदेव साय की सरकार बनने के बाद एकलव्य विद्यालय के निर्माण मे राज्य सरकार ने मजबूत कदम उठाये और तहसील मुख्यालय मैनपुर से महज 15 किलोमीटर दुर छिन्दौला मे लगभग 35 करोड रूपये की लागत से एकलव्य आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया जो अब 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आने वाले तीन माह के भीतर नवम्बर मे यह विशाल भवन बनकर तैयार हो जायेगा। साथ ही यह भवन मे विद्यालय का संचालन किया जायेगा। एकलव्य विद्यालय भवन निर्माण कार्य तेजी से और गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने गरियाबंद जिले के कलेक्टर भगवान सिंह उइके लगातार निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण कर रहे है और समय सीमा के भीतर विद्यालय भवन निर्माण कराने निर्देश दे रहे हैं। आदिवासी क्षेत्र के बच्चें को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एकलव्य विद्यालय मील का पत्थर साबित होगा और यहा पढाई करने वाले बच्चों के लिए सभी सुविधाए उपलब्ध रहेगी जिसको ध्यान में रखकर विशाल भवन का निर्माण लगभग 30-40 एकड जमीन में किया जा रहा है। यह भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में होने से क्षेत्र के लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है क्योंकि मैनपुर क्षेत्र के लोगो ने एकलव्य विद्यालय भवन निर्माण के लिए लगातार संघर्ष किये है, तब जाकर यह भवन निर्माण कार्य आज तेज गति से किया जा रहा है और आने वाले दिनों में इसका बेहतर लाभ क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा आदिवासी बच्चों के भविष्य को संवारने ठोस कदम उठाया गया
उल्लेखनीय है कि मैनपुर में एकलव्य विद्यालय के लिए 15 नवम्बर 2021 को देश के पीएम नरेद्र मोदी द्वारा वुर्चअल शिलान्यास किया जा चुका था लेकिन छत्तीसगढ में पिछले पांच वर्षो तक कांग्रेस की सरकार में एकलव्य विद्यालय निर्माण की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं किया गया । जिसके कारण मैनपुर के देहारगुड़ा में संचालित हो रहे एकलव्य विद्यालय को यहा से 60 किलोमीटर दुर गरियाबंद ब्लॉक के पीपरछेडी स्थानांतरित कर दिया गया। अब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में एकलव्य विद्यालय निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाया गया। मैनपुर से 15 किलोमीटर दुर छिन्दौला के नजदीक विशाल भवन का निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
- विष्णुदेव साय सरकार का बड़ा कदम
तेज गति से हो रहा एकलव्य आवासीय विद्यालयों का निर्माण, आदिवासी बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य के आदिवासी अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की गई है। दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य अत्यधिक तेज गति से संचालित किया जा रहा है।
- सर्व-सुविधा युक्त परिसर 35 करोड़ की लागत से कायाकल्प
आदिवासी समाज के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से इस विशाल और आधुनिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इस सर्व-सुविधा युक्त परिसर में बच्चों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें प्रमुख हैं अत्याधुनिक क्लासरूम- डिजिटल और आधुनिक शिक्षण माध्यमों से सुसज्जित।सुसज्जित छात्रावास- छात्रों एवं छात्राओं के लिए सुरक्षित और आरामदायक आवास व्यवस्था। खेल और शारीरिक विकास- आधुनिक खेल मैदान, इंडोर-आउटडोर गेम्स और जिम की सुविधा। प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय- विज्ञान, कंप्यूटर लैब और समृद्ध लाइब्रेरी। निःशुल्क शिक्षा और भोजन- विद्यार्थियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क आवास, भोजन, किताबें और यूनिफॉर्म।
सुशासन से संवर रहा आदिवासी बच्चों का भविष्य – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे और शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तय समय-सीमा के भीतर भवन का काम पूरा कर इसे बच्चों को समर्पित किया जाए। इस भव्य आवासीय विद्यालय के निर्माण से स्थानीय आदिवासी परिवारों में भारी उत्साह है। पालकों का मानना है कि इस विद्यालय के शुरू होने से दूर-दराज के प्रतिभावान बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल और सशक्त बनेगा।
- क्या कहते हैं कलेक्टर
गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने बताया एकलव्य आवासीय विद्यालय निर्माण कार्य तेजगति से किया जा रहा है । और आने वाले तीन माह मे कार्य पूर्ण हो जायेंगे पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य समय सीमा पर पूरा करने का निर्देश निर्माण एजेंसी को दिया गया है।
