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August 9, 2026

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विश्व आदिवासी दिवस पर गरियाबंद पहुंचे राज्यसभा सांसद संजय सिह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का हक मारा जा रहा 

  • शेख़ हसन खान, गरियाबंद 
  • मोटरसाइकिल रैली, तिरंगा चौक पर आतिशबाजी के साथ जोरदार स्वागत, बिन्द्रानवागढ़ MLA जनक ध्रुव, मुकेश सहरावत और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल ने भी सरकार को घेरा

गरियाबंद। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को जिला मुख्यालय गरियाबंद में आदिवासी समाज ने शक्ति, एकता और अधिकारों का जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली विधायक मुकेश सहरावत, क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल और बिंद्रानवागढ़ MLA जनक ध्रुव, आदिवासी महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ,उमेन्दी कोर्राम , पन्नालाल ध्रुव सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। मंच पर आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे समाज के लोगों ने कार्यक्रम को भव्य रूप दिया, भव्य रैली निकाल शक्ति प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आदिवासी समाज के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में आदिवासी समाज की आबादी करीब 10 करोड़ है, लेकिन अब तक किसी आदिवासी को भारत रत्न नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद समाज को विकास की मुख्यधारा से दूर क्यों रखा गया है।

संजय सिंह ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के शिक्षा संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा ही अधिकार और बदलाव का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कहीं अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, स्कूल बंद हो रहे हैं और दूसरी ओर सरकार विकास की बात कर रही है।

संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा और जंगलों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कोयला, बिजली, पानी और खनिज संसाधनों पर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

मुकेश सहरावत बोले “आदिवासी पेड़ काटे तो जेल, बड़े कारोबारी काटें तो सरकार खामोश?”दिल्ली विधायक मुकेश सहरावत ने भी आदिवासी अधिकारों और जंगलों के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

  • अमित बघेल का ऐलान- “हम जेल से नहीं डरते, हक के लिए उम्रभर जेल में रहना पड़ा तो तैयार”

क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने अपने संबोधन में आदिवासी और छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी अधिकारों को लेकर तीखा तेवर दिखाया। उन्होंने “जय जोहार” के नारे के साथ कहा कि छत्तीसगढ़ के निवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा,

विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। मंच पर अतिथियों का सम्मान किया गया तथा आदिवासी संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान जल-जंगल-जमीन, संवैधानिक अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाया गया।