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August 29, 2026

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तहसील मुख्यालय का आश्रित ग्राम अचानपुर और नदीपारा विकास से कोसों दूर न पक्की सड़क, न साफ पानी…

  • दलदल भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर ग्रामीण
  • ग्राम पंचायत मैनपुर खुर्द के आश्रित ग्राम का हाल बेहाल
  • शेख हसन खान, गरियाबंद 

गरियाबंद । गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय ग्राम पंचायत मैनपुर के आश्रित ग्राम नदीपारा,अचानपुर जो नदी के उस पार बसा हुआ है और इसकी जनसंख्या लगभग 700 के आसपास है बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। डिजिटल भारत और चमचमाती सड़कों के दौर में भी ग्राम पंचायत मैनपुर खुर्द का आश्रित गांव अचानपुर बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है मैनपुर नगर से महज एक किलोमीटर दूर नदी के उस पार बसा यह गांव आज भी विकास की बाट जोह रहा है। आजादी के दशकों बाद भी यहां तक पहुंचने के लिए एक पक्की सड़क तक का निर्माण नहीं हो सका है।

  • कीचड़ और दलदल से होकर गुज़रती है ज़िंदगी

ग्रामीण रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर दलदल और कीचड़ से लबालब रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जब नदी उफान पर होती है या रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है, आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं या एम्बुलेंस तक अचानपुर गांव तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे मरीजों को खाट पर या मोटरसाइकिल पर लादकर ले जाना पड़ता है। इस मार्ग में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पक्की सड़क निर्माण के लिए पूर्व में विभाग द्वारा सर्वे किया जा चुका है और तो और बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव ने भी इस गांव का दौरा कर ग्रामीणों को सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, ग्राम के वरिष्ठ नागरिक एवं पंच शंकर ठाकुर,श्रीमती गीता ठाकुर, किशन मरकाम, दयाराम यादव, धनंजय , विजय ठाकुर एवं ग्रामीणों ने बताया बारिश की इन दिनों में जहां सड़क में कीचड़ हो जाता है वहीं दूसरी ओर सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है रात में नदी किनारे साइकिल पैदल चलने वाले फिसल कर नदी में गिरने का डर बना रहता है।

कई बार यहां दुर्घटना भी घट चुकी है। पूरा सड़क अंधेरे में डूबा रहता है। सड़क में बिजली की व्यवस्था किया जाना बहुत जरूरी है ब्लॉक मुख्यालय के आश्रित ग्राम होने के बावजूद यहां के लोगों को गंभीर स्थिति में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। इस गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती जिसके कारण गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। और तो और ब्लॉक मुख्यालय के गांव होने के बावजूद ब्लॉक स्तर के अधिकारी कभी इस गांव में दौरा करने तक नहीं पहुंचते।

  • गांव के भीतर भी मूलभूत सुविधाओं का अकाल

सड़क ही नहीं, गांव के भीतर की स्थिति भी बदतर बनी हुई है गांव के अंदर सीसी रोड (कंक्रीट सड़क) का निर्माण न होने से गलियों में पानी और कीचड़ जमा रहता है।

पेयजल की समस्या: पीने के शुद्ध पानी की उचित व्यवस्था नहीं है,

लो-वोल्टेज और बार-बार की कटौती ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर रखा है।

  • आंगनवाड़ी भवन की हालत बेहद जर्जर

ग्राम अचानपुर मैं आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया गया है लेकिन वहां भवन समय से पहले ही जर्जर हो गया। बारिश के इन दिनों में आंगनबाड़ी के भीतर पानी का रिसाव झरने की तरह होती है जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को यहां पढ़ना-लिखना मुश्किल हो गया है। जान जोखिम में डालकर छोटे-छोटे बच्चे आंगनबाड़ी में पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं। कई बार जर्जर आंगनबाड़ी भवन की सुधार की भी मांग किया जा चुका है लेकिन इस भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

  • जर्जर स्टापडेम और नदी के कटाव के चलते किसान परेशान

ग्राम पंचायत मैनपुर के आश्रित ग्राम नदीपारा और अचानपुर में लाखों रुपए के लागत से स्टाप डेम का निर्माण नदी में किया गया है लेकिन यहां स्टाफ दम बेहद जर्जर हो गया है जिसके कारण नदी के आसपास की जमीन का कटाव बढ़ते जा रहा है। और किसान बेहद परेशान है कई बार जर्जर स्टाप डैम की सुधार की मांग किया जा चुका है लेकिन इस और भी संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस जर्जर हो चुके स्टाप डेम सड़क के पास हमेशा दुर्घटना की अंदेशा बनी रहती है। कई बार लोग इस स्टाफ टीम के नीचे गिर चुके हैं।

  • ग्रामीणों में भारी आक्रोश

गांव वालों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े दावे और वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही गांव की सुध लेने कोई नहीं आता। शासन-प्रशासन की इस उपेक्षा से ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द नदीपारा और अचानपुर तक पक्की पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाए, साथ ही गांव के भीतर सीसी रोड, बिजली और पेयजल की मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं, वरना वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।