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September 9, 2026

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अधुरे पुल को लेकर जागा प्रशासन लेकिन – सिंगल सीढ़ी के बाद अब मौत का नया अस्थाई रास्ता व्यवस्था से बढ़ा खतरा

  • शेख हसन खान, गरियाबंद
  • सेंट्रिंग प्लेट को जोड़कर ठेकेदार ने बनाई अस्थाई हिलते डोलते सीढ़ी पर आने जाने बच्चे और ग्रामीण मजबूर
  • ठेकेदार को तीन माह के भीतर पुल निर्माण पूर्ण करने का दिया निर्देश

गरियाबंद। गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर से 5 किमी दूर ग्राम पंचायत देहारगुड़ा और खामभाठा के बीच पैरी नदी में पिछले 4-5 वर्षो से करोड़ों रूपये की लागत से विशाल पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग द्वारा किया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है और निर्माण स्थल पर न तो पुल निर्माण संबंधित किसी भी प्रकार के सूचना पटल नहीं लगाया गया है जिससे यह पता चल सके कि यह पुल का निर्माण कौन सा विभाग द्वारा और कितने की लागत से और कब तक पूरा करना है। बहरहाल लगातार बारिश के कारण नदी मे बाढ़ आने के कारण ग्रामीण और स्कूली छात्र इस अधुरे पुल मे जान जोखिम मे डालकर आना जाना करने मजबुर हो रहे हैं।

एक लोहे के सीढ़ी से अपने जान हथेली में रखकर दर्जनों बच्चे इस पुल को पारकर देहारगुड़ा स्कूल पढ़ाई करने आ रहे है। खबर प्रकाशन के 6 दिनों बाद संबंधित विभाग के अफसर इस अधुरे पुल का निरीक्षण करने पहुंचे थे और ग्रामीणों से भी चर्चा किया साथ ही संबंधित ठेकेदार को तीन माह के भीतर दिसम्बर 2026 तक पुल निर्माण पूरा करने का आदेश दिया गया है।

सिंगल सीढ़ी के बाद अब सेंट्रिंग प्लेट को जोड़कर हिलने वाला सीढ़ी बेहद खौफनाक – बारिश में नदी में बाढ़ आने के कारण इस अधुरे पुल को लोहे के लगभग 20 फीट पतली सीढ़ी के सहारे बच्चे अधुरे पुल के उपर चढ़कर और दोनों तरफ 20 फीट गहरे गड्ढे के उपर लकड़ी के गत्तो के सहारे आना जाना करने मजबुर हो रहे थे और तो और ग्रामीण भी इसी तरह आना जाना कर रहे हैं।

इस खबर के प्रकाशन के बाद ग्रामीणो के द्वारा जानकारी दिया गया कि दो दिन पहले विभाग के बड़े अफसर पहुंचे थे और उन्होंने अस्थाई आने जाने के लिए रास्ता बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही ठेकेदार को दिसम्बर 2026 तक पुल निर्माण पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया है। लेकिन अफसरों के निरीक्षण कर जाने के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी ठेकेदार के लोगों द्वारा सेंट्रिंग प्लेट को एक दूसरे से जोड़कर सीढ़ी बना दिया गया है जिसमे चलना तो दूर एक साथ बच्चे बैठ बैठकर उतर रहे हैं और यदि इसमे पैर फिसलता है तो बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है।

क्या कहते हैं अफसर

लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग ब्रिज के एसडीओ एस.के पंडोले ने बताया कि ठेकेदार को सख्ता हिदायत बड़े अफसरों द्वारा दिया गया है कि दिसम्बर तक पुल निर्माण पूरा किया जाये और ठेकेदार दो दिन पहले ही कार्य स्थल पर पहुंच चुके है। अस्थाई सीढ़ी का निर्माण कर लोगों को आने जाने में सुविधा देने कहा गया है।

  • विधायक जनक ध्रुव बेहद नराज

बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव इस मामले को लेकर बेहद नराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पूरा मामला सामने आने के बाद भी सरकार सोयी हुई है और कोई बड़ी दुर्घटना का इंतिजार कर रही है। उन्होंने कहा प्रदेश मे सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। आदिवासी क्षेत्र के लोगों की चिंता किसी को नहीं है। जिले के अफसर भी अब तक अधुरे पुल को देखने नहीं पहुंचे है। ग्रामीण कैसे आना जाना कर रहे हैं। इससे शासन प्रशासन को कोई लेना देना नहीं है।

  • सरपंच ने कहा, आंदोलन करने मजबूर 

ग्राम पंचायत के सरपंच महेश दीवान, पूर्व सरपंच डिगेश्वरी सांडे, पवन दीवान, सोहन नागेश एवं ग्रामीणों ने कहा कि अधुरे पुल मे बच्चों के साथ ग्रामीण जान जोखिम मे डालकर आना जाना कर रहे है लेकिन यह मामला सामने आने के बाद भी जिले के बड़े अफसर और बड़े जनप्रतिनिधि पुल का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीणों को उनके हाल में छोड़ दिया गया है।