मैनपुर में 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र का गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने किया शुभारंभ
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- अब मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे कुपोषित बच्चों के देखभाल के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्र खुलने से लोगों को मिलेगा लाभ
गरियाबंद । गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आज गुरूवार को 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र का शुभारंभ गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके द्वारा किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री उइके ने केंद्र का निरीक्षण कर भर्ती बच्चों एवं उनके परिजनों से चर्चा की तथा स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार हेतु पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का समुचित पोषण, नियमित चिकित्सकीय देखभाल एवं माताओं को पोषण संबंधी परामर्श देकर कुपोषण को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है। वर्तमान में पोषण पुनर्वास केंद्र में 07 गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उपचार एवं पोषण पुनर्वास की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यहां बच्चों को चिकित्सकीय उपचार, संतुलित एवं चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण तथा माताओं को शिशु एवं बाल आहार संबंधी व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं परामर्श निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एस. नवरत्न, जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) अशोक पांडे, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेन्द्र कुमार ध्रुव, डॉ के डी जोगी, डॉ. लक्ष्मीकांत जांगड़े, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गणपत नायक, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक गणेश सोनी, महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती लीलावती सेन, फूड डेमोंस्ट्रेटर श्रीमती पूर्णिमा साहू, स्टाफ नर्स श्रीमती उमेश्वरी कंवर, श्रीमती लक्ष्मी कुर्रे, ईश्वर निषाद एवं रोशन ध्रुव सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मैनपुर विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेन्द्र कुमार ध्रुव ने बताया कि मैनपुर जैसे दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्र में पोषण पुनर्वास केंद्र प्रारंभ होने से गंभीर कुपोषित बच्चों को अब उपचार के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ देखभाल, पौष्टिक आहार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा तथा क्षेत्र में कुपोषण की रोकथाम को नई गति मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी बच्चे में गंभीर कुपोषण के लक्षण दिखाई दें या उसका वजन एवं ऊँचाई उम्र के अनुसार कम हो, तो उसे तत्काल निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर में जांच एवं उपचार हेतु अवश्य लाएं।
