आदिवासी क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ – वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अपने रिश्तेदारों को नौकरी देने का आरोप
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- ब्लॉक युवा कांग्रेस मैनपुर द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच के साथ आंदोलन की दी गई चेतावनी
गरियाबंद । गरियाबंद जिले के वन विभाग अंतर्गत अनेक स्थानों पर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने बेटी बेटा और रिश्तेदारों को बगैर वैकेंसी निकाले नियम विपरित नौकरी में रखे जाने के साथ ही आदिवासी क्षेत्र के पढ़े लिखे युवक युवतियों के साथ पक्षपात के अलावा क्षेत्रीय बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप ब्लॉक युवा कांग्रेस मैनपुर द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लगाई गई है। ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष सोहन नागेश, पूर्व अध्यक्ष शाहिद मेमन, युवा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तनवीर राजपूत, आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष दुलेन्द्र नेगी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गरियाबंद जिले के वन मंडल गरियाबंद एवं उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के सरकारी दफ्तरों में बगैर कोई वैकेंसी निकाले और नियम कानून को ताक मे रखकर वहां तैनात वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा अपने बेटा बेटी और रिश्तेदारों को नौकरियों मे रखा गया है जो क्षेत्र के आदिवासी बेरोजगार युवाओ के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
युवा कांग्रेस द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया है। इस मामले में तत्काल वन विभाग को कार्यवाही करना चाहिए और क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को रोजगार देना चाहिए। युवा कांग्रेस ने आज इस संबंध में एक पत्र वन मंत्री केदार कश्यप के अलावा मुख्य वन संरक्षक एवं डीएफओ गरियाबंद शशिगानंद, उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन को भेजा है।
युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के भविष्य और रोजगार के अवसरों के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला गरमा गया है वन विभाग के के स्थानीय अधिकारी कर्मचारियों नियमों को ताक पर रखकर आदिवासी युवाओं के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। विभाग में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनाने के बजाय अधिकारी अपने ही परिवार के बच्चों और करीबियों को संविदा तथा दैनिक वेतन भोगी के रूप में नियुक्त कर रहे हैं। इस मामले को लेकर युवा कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस तरह का भाई-भतीजावाद योग्य आदिवासी युवाओं के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच नहीं की गई और अवैध नियुक्तियों को रद्द कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। स्थानीय युवाओं में भी इस मामले को लेकर गहरा आक्रोश है और वे शासन-प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
