स्ट्रीट लाइटें बंद – अंधेरे में डूबा तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर, बारिश में जहरीले सर्प कीड़े मकोड़े व आवारा कुत्तों का आतंक
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- मैनपुर नगर के मुख्यमार्ग सहित गली मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट बंद होने से शाम होते ही अंधेरे के आगोश में समा जाता है नगर
गरियाबंद । गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर में इन दिनों बारिश का मौसम ग्रामीणों के लिए दोहरी आफत लेकर आया है। एक तरफ झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित है, तो दूसरी तरफ तहसील मुख्यालय की मुख्यमार्ग सहित गली मोहल्ले की सड़को पर छाई काली रात की वजह से पूरा ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। पिछले कई माह से मुख्यालय की मुख्य सड़कों और मुख्य चौराहों पर लगी स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, जिससे रात होते ही सन्नाटा और खौफ पसर जाता है। मैनपुर नगर तहसील मुख्यालय होने के बावजूद स्थानीय अधिकारियो एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा स्ट्रीट लाइट प्रारंभ कराने कोई ठोस कदम नही उठाया जा रहा है जिसके कारण बारिश के इन दिनो नगर के भीतर गलियों में आना जाना करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मैनपुर नगर के लोगों ने गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर एवं एसडीएम मैनपुर हितेश्वरी बाघे से मांग किया है कि नगर मे स्ट्रीट लाइट प्रारंभ करवा कर लोगो को सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाये।

- जहरीले सांप-कीड़ों और जंगली जानवरों का खौफ
बारिश के दिनों में अक्सर जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य खतरनाक कीड़े-मकोड़े अपने बिलों से बाहर आ जाते हैं। अंधेरा होने के कारण सड़कों पर पैदल चलना या दुपहिया वाहनों से गुजरना जानलेवा साबित हो रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से सटे रास्तों पर जंगली जीव-जंतुओं के विचरण का खतरा भी लगातार बना रहता है। रात के अंधेरे में सड़क पर रेंगते जहरीले जीवों के दिखने की संभावना न के बराबर होती है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी या सर्पदंश की घटना घट सकती है।
- हादसों का बना रहता है खतरा
तहसील मुख्यालय होने के कारण यहाँ रात के समय भी आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीण स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या अन्य जरूरी कामों से मुख्यालय आते-जाते हैं। लेकिन रोशनी की कोई व्यवस्था न होने से सड़कों पर बने गड्ढे और जलजमाव दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
- आवारा कुत्तों का खौफ
तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर व आसपास ग्रामो मे आवारा कुत्तो की संख्या बढ़ गई है पिछले डेढ़ माह के भीतर दो दर्जन से अधिक लोगो को आवारा कुत्तो ने काटा है और रात मे आवारा कुत्तो का आतंक बढ़ जाता है। अंधेरे का फायदा उठाकर सड़कों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जो आने-जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं। इसके साथ ही, झाड़ियों और नालियों के आसपास रोशनी न होने के कारण सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का खतरा लगातार बना रहता है। रात के समय बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का घर से बाहर निकलना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
- ग्राम पंचायत को किसी हादसों का इंतजार
तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर ग्राम पंचायत द्वारा एक वर्ष पहले स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। वह टूट फुटकर क्षतिग्रस्त हो गया है और नगर के सभी मोहल्ला गलियों में अंधेरा छा जाने तथा बिजली बंद हो जाने और सड़कों में पानी भरे होने के कारण कभी भी गंभीर दुर्घटना घटने की संभावना है। वही मैनपुर के आश्रित ग्राम नदीपारा अचानपुर मार्ग मे नदी पुल एवं स्टापडेम तथा मार्ग में अंधेरा छा जाने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके लिए कौन जिम्मेदार रहेगा। इसलिए जनपद प्रशासन को चाहिए कि समय रहते नगर के सभी मोहल्ले और गलियों में स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ ही नदीपारा अचानपुर मार्ग मे भी स्ट्रीट लाइट लगाई जाये।
- ग्रामीणों में भारी आक्रोश, प्रशासन से गुहार
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत एवं स्थानीय जनपद प्रशासन को इस संबंध में अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जबकि नगर व पंचायत क्षेत्र को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है और ग्राम पंचायत द्वारा हर बार बजट नहीं होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ दिया जा रहा है जिसका खामियाजा मैनपुर नगर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
- सरपंच ने कहा बजट नहीं है मांग किया गया है
ग्राम पंचायत मैनपुर के सरपंच श्रीमति हनिता नायक ने चर्चा में बताया ग्राम पंचायत के पास स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। चार जगह हाईमास्क लाइट जल रहा है लेकिन ग्राम पंचायत के मोहल्ले और गलियों में नहीं जल पा रहा है पिछले समय लगाये थे उसका भुगतान आज तक नहीं हुआ है। सरपंच ने आगे कहा स्ट्रीट लगाने बजट की मांग करेंगे।
