आदिवासी छात्र की मौत का मामला फिर गरमाया, दोषियों पर नहीं हुई कार्यवाही उल्टे प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों पर 6 माह बाद एफआईआर से भड़के क्षेत्र के लोग
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- आश्रम अधीक्षक पर तत्काल एफ आई आर दर्ज करने एवं ग्रामीण पर किए गए कार्यवाही वापस लेने की मांग को लेकर फिर चक्काजाम की चेतावनी
बड़ेगोबरा आश्रम के छात्र का इलाज के अभाव में 6 माह पूर्व हुआ था मौत। आश्रम अधीक्षक पर लापरवाही का आरोप लगाते क्षेत्रवासियों ने किया था चक्काजाम, कांग्रेस द्वारा भी मामले पर उग्र प्रदर्शन करने के बाद जॉच कमेटी द्वारा पीड़ित परिजनों को मुआवजा देने की किया था घोषणा लेकिन लापरवाह आश्रम अधीक्षक पर अब तक न तो कार्यवाही हुई और न ही मुआवजा मिला पीड़ित परिवार को मुआवजा की मांग कर रहे क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओ पर 6 माह बाद एफआईआर किये जाने से एक बार फिर यह मामला गरमा गया और अब इस मामले को लेकर उग्र धरना प्रदर्शन चक्काजाम के साथ ही कलेक्टर कार्यालय घेराव करने दिया चेतावनी।
गरियाबंद। गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर से 3 किमी दूर ग्राम भाठीगढ़ में बड़ेगोबरा के नाम से संचालित आदिवासी बालक आश्रम के छात्र राघव मंडावी की इलाज के अभाव में और तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू के लापरवाही के चलते 6 माह पूर्व जनवरी 2026 में इलाज के दौरान मौत हो गया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र मे जहां एक ओर कांग्रेस द्वारा उग्र प्रदर्शन कर पीड़ित परिवार को मुआवजा की मांग किया गया था।

वही दूसरी ओर आदिवासी समाज द्वारा छात्र राघव मंडावी की मौत पर आश्रम अधीक्षक की लापरवाही का आरोप लगाते हुए नेशनल हाइवे 130 सी मैनपुर देवभोग मार्ग में 19 फरवरी को चक्काजाम किया गया था। इस दौरान आदिवासी समाज के लोगो ने तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर एफआईआर दर्ज कर पीड़ित परिवार को एक करोड़ रूपये मुआवजा देने की मांग किया गया था तब आंदोलन कर रहे ग्रामीणो के पास आदिवासी सहायक आयुक्त लोकेश्वर पटेल, एसडीओपी पुलिस ओमप्रकाश खुजुर, तहसीलदार सहित प्रशासन के आलाअफसर पहुंचकर लिखित मे आश्वासन दिया था कि छात्र की मौत के मामले का निष्पक्ष जॉच के लिए एक जॉच समिति का गठन कर जॉच करवाई जोयगी और दोषियों पर कार्यवाही किया जायेगा साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जायेगा। अफसरों के समझाइश के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चक्काजाम स्थगित कर दिया गया लेकिन इस मामले मे अब 06 माह बाद भी न तो जॉच कमेटी का रिपोर्ट सार्वजनिक किया गया और न ही पीड़ित परिवार को मुआवजा मिला उल्टा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगो पर 06 माह बाद एफआईआर किये जाने की जानकारी लगते ही क्षेत्र के लोगो मे भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और इस मामले को लेकर कल रविवार 26 जुलाई को क्षेत्र मे विशाल बैठक का आयोजन किया गया है जिससे आदिवासी छात्र की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस मामले को लेकर तथा तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर तत्काल एफआईआर की कार्यवाही करने, जॉच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के अलावा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने एवं एफआईआर को वापस लेने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन चक्काजाम, कलेक्टर कार्यालय घेराव करने की तैयारी किया जा रहा है।
जनपद पंचायत मैनपुर के सदस्य एवं आदिवासी नेता सुकचंद ध्रुव, आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव, महामंत्री गेंदु यादव, तनवीर राजपूत, आदिवासी नेता टीकम कपिल, खेदु नेगी, डोमार साहू, सज्जन सिंह देववंशी, जनपद सदस्य प्र्रताप मरकाम एवं क्षेत्र के वरिष्ठजनो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया आदिवासी आश्रम मे छात्र राघव मंडावी का इलाज के अभाव मे दर्दनाक मौत हो गई। इस मामले मे धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण आंदोलन कर परिजनों को मुआवजा देने की मांग किया गया था। तब संबंधित एवं जिले के अफसरों द्वारा पीड़ित परिवार को मुआवजा देने आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर कार्यवाही की बात कही गई थी और लिखित मे आश्वासन दिया गया था लेकिन इस मामले मे अब तक कोई जॉच नहीं हुआ और न ही जॉच रिपोर्ट सार्वजनिक किया गया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर उल्टा एफआईआर जैसे कार्यवाही 06 माह बाद किया गया है जो पूरी तरह गलत हैं। ऐसे में अफसरों के लिखित आश्वासन पर कौन विश्वास करेगा जो बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस मामले में तत्कालीन आश्रम अधीक्षक राकेश साहू पर तत्काल एफआईआर की कार्यवाही किया जाये पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाये और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के उपर किये गये एफआईआर को वापस लिया जाये अन्यथा इस मामले को लेकर अब सड़क से लेकर गरियाबंद कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जायेगा जिसकी सारी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
क्या कहते हैं जिला कांग्रेस अध्यक्ष– जिला कांग्रेस कमेटी गरियाबंद के अध्यक्ष सुकचंद बेसरा ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों पर एफआईआर किया जाना पूरी तरह गलत है। जिसे वापस लिया जाना चाहिए कांग्रेस द्वारा भी जिला स्तरीय जॉच समिति बनाकर जॉच रिपोर्ट अपर कलेक्टर को सौंपा गया था। अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
क्या कहते हैं सहायक आयुक्त – इस संबंध में चर्चा करने पर सहायक आयुक्त गरियाबंद लोकेश्वर पटेल ने बताया कि इस पूरे प्रकरण मे क्या कार्यवाही हुआ फाइल देखकर ही बता पाउंगा।
