योगेश बघेल को अनुसूचित जाति कांग्रेस के गरियाबंद जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- गरियाबंद कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक दांव, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की कमान योगेश बघेल को, बूथ से लेकर समाज तक सक्रियता का संदेश
गरियाबंद । गरियाबंद जिला कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव। योगेश बघेल को अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ गरियाबंद जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जिला कांग्रेस संगठन ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए योगेश बघेल को अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले को संगठन के विस्तार और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
योगेश बघेल लंबे समय से कांग्रेस संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। सामाजिक सरोकारों और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी निरंतर भागीदारी को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ को नई ऊर्जा और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी।
- बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का लिया संकल्प
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष योगेश बघेल ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, अनुसूचित जाति समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना और कांग्रेस की जनहितकारी नीतियों को प्रत्येक घर तक पहुंचाना होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के युवाओं और कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़कर कांग्रेस को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।
- कार्यकर्ताओं ने जताया भरोसा, दी शुभकामनाएं
योगेश बघेल की नियुक्ति पर जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। नेताओं का कहना है कि उनके नेतृत्व में अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ पहले से अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा और संगठन को नई मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि वे पार्टी की विचारधारा और जनसरोकारों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
- राजनीतिक मायने भी अहम
गरियाबंद जिले में कांग्रेस संगठन लगातार अपने विभिन्न प्रकोष्ठों को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में योगेश बघेल की नियुक्ति को संगठनात्मक विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
