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August 19, 2026

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मैनपुर में पुलिस ने छात्रों को दिया साइबर सुरक्षा का पाठ, ऑनलाइन ठगी और साइबर क्राइम से बचाव के बताए तरीके

  • शेख हसन खान, गरियाबंद
  • साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने स्कूली छात्र-छात्राओं को नया मंत्र दिया सतर्क रहे सुरक्षित रहे

गरियाबंद। गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस द्वारा ग्राम झरियाबाहरा बोईरगांव हाईस्कूल में आज मंगलवार को स्कूली बच्चों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में एसडीओपी पुलिस गोपाल वैश्य, थाना प्रभारी मैनपुर डोमेन्द्र सिन्हा, बिन्द्रानवागढ़ चौकी प्रभारी गुनेश्वरी नरेटी एवं पुलिस के द्वारा छात्रों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी पुलिस गोपाल वैश्य ने संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक के इस दौर में जहां इंटरनेट और स्मार्टफोन पढ़ाई और जानकारी का बेहतरीन माध्यम हैं, वहीं सतर्क न रहने पर साइबर अपराध का शिकार होने का खतरा भी बना रहता है।

मैनपुर थाना प्रभारी डोमेन्द्र सिन्हा ने साइबर क्राइम एवं ऑनलाइन ठगी से बचने के संबंध मे विस्तार से जानकारी दिया साथ ही किसी भी तरह के अज्ञात लिंक या एपीके को डाउनलोड नही करने के बारे मे बताया गया। श्री सिन्हा ने साइबर सुरक्षा के प्रमुख बिंदु और सुझाव ओटीपी और निजी जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति या फोन कॉल पर अपना ओटीपी बैंक खाता विवरण, आधार नंबर या पासवर्ड साझा न करें, अज्ञात लिंक और ऐप व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर आने वाले लुभावने और अज्ञात लिंक्स पर क्लिक न करें तथा किसी भी संदिग्ध ऐप को इंस्टॉल न करें। सोशल मीडिया सुरक्षा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। साइबर हेल्पलाइन किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें। कार्यक्रम में उपस्थित स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। पुलिस विभाग का कहना है कि इस प्रकार के जागरूकता अभियानों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को सतर्क बनाना है, ताकि वे खुद भी जागरूक रहें और अपने परिजनों को भी डिजिटल फ्रॉड से बचा सकें।