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June 17, 2026

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नेशनल हाईवे 130 C गरियाबंद देवभोग मार्ग में सुरक्षित प्रसव, थाना प्रभारी इंदागांव जितेन्द्र कुमार विजयवार ने जच्चा और बच्चा को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया 

  • शेख हसन खान, गरियाबंद 
  • दर्द से तड़प रही थी गर्भवती, देवदूत बने थाना प्रभारी सड़क किनारे जन्मे नवजात को सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल

गरियाबंद। गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर क्षेत्र से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है जिसमें एक गर्भवती महिला नेशनल हाईवे 130 सी सड़क किनारे ही सुरक्षित बच्चों को जन्म दिया। इस दौरान देवदूत बनकर पहुंचे इंदागांव थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार विजयवार ने अपने वाहन से जच्चा बच्चा को मैनपुर अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया।

ज्ञात हो कि पुलिस को अक्सर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए जाना जाता है, लेकिन गरियाबंद जिले के मैनपुर विकास खंड इंदागांव थाना प्रभारी ने ऐसा काम किया है जिसने पुलिस का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने ला दिया। प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की जान बचाने के लिए थाना प्रभारी ने बिना एक पल गंवाए खुद मोर्चा संभाला और दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर मानवता की मिसाल पेश की।

जानकारी के मुताबिक, इंदागांव थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार विजयवार थाना से अपने क्षेत्र के गस्त में निकले हुए थे कि उन्हें सड़क किनारे एक महिला और पुरुष दिखाई दिया। महिला अपने पेट को हाथ से थामा हुआ था और दर्द से कहरा रहा था और देखते ही देखते नेशनल हाईवे में ही एक सुरक्षित बच्चों को जन्म दिया। थाना प्रभारी बगैर समय गंवाए तत्काल अपने वाहन को साइड में लगाकर जच्चा और बच्चा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इंदागांव ले गए, पर वहां कोई उपस्थित नहीं होने पर तत्काल अपने वाहन से 40 किलोमीटर दूर मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां अभी जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित है।

बताया जाता है कि शाम 5 बजे के आसपास आज शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर इंदागांव थाना क्षेत्र के पास एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द इतना असहनीय था कि महिला सड़क किनारे ही तड़पने लगी और देखते ही देखते उसने एक नवजात शिशु को जन्म दे दिया। मुख्य मार्ग पर यह दृश्य देखकर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन मां और नवजात की हालत लगातार चिंताजनक बनी हुई थी। इंदागांव थाना प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार विजयवार तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने एम्बुलेंस का इंतजार करना उचित नहीं समझा। उन्होंने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए मां और नवजात को अपने निजी वाहन में सुरक्षित बिठाया और सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर के लिए रवाना हो गए।

अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर मिली चिकित्सा सुविधा के चलते जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। डॉक्टरों ने भी माना कि यदि अस्पताल पहुंचाने में और देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार विजयवार की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में पुलिस अधिकारी ने जिस संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वह वर्दी के पीछे छिपी मानवता का बेहतरीन उदाहरण है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस केवल कानून की रखवाली ही नहीं करती, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जिंदगी बचाने के लिए भी सबसे आगे खड़ी रहती है। इंदागांव पुलिस की इस पहल ने आम लोगों के दिलों में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान को और मजबूत किया है।