भाजपा नेताओं के फोन पर साइबर अटैक, भाजपा जिला अध्यक्ष के बाद पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का भी मोबाइल हैक
- शेख हसन खान, गरियाबंद
- 28 हजार मांग रहे ठग, गोवर्धन मांझी बोले- मेरा फोन हैक, कोई पैसा न भेजे
गरियाबंद। गरियाबंद जिले में साइबर ठगों ने अब राजनीतिक नेताओं के मोबाइल फोन और उनके परिचितों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शनिवार को भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का फोन हैक होने का मामला सामने आने के बाद अब बिंद्रानवागढ़ के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का फोन भी हैक हो गया है। उनके मोबाइल से परिचितों को 28 हजार रुपए की जरूरत बताते हुए ऑनलाइन पैसे भेजने के मैसेज किए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक गोवर्धन मांझी के WhatsApp नंबर से कई परिचितों के पास अचानक पैसे मांगने का संदेश पहुंचा। मैसेज में लिखा गया 28 हजार ऑनलाइन पेमेंट हो पाएगा अभी, मेरा नेटवर्क इश्यू है, एक घंटे में रिटर्न कर दूंगा। परिचित नंबर और मांझी का नाम देखकर पहली नजर में मैसेज सामान्य मदद की मांग जैसा नजर आया, लेकिन लगातार पैसे मांगने वाले संदेशों के बाद मामला संदिग्ध हो गया।
- गोवर्धन मांझी बोले मेरा फोन हैक, कोई पैसा न भेजे
मामले की जानकारी मिलते ही गोवर्धन मांझी ने अपने परिचितों, समर्थकों और आम लोगों को सतर्क किया है। मांझी ने कहा कि उनका फोन हैक हो गया है। यदि उनके नाम या मोबाइल नंबर से किसी भी व्यक्ति के पास पैसे मांगने का मैसेज आता है तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी खाते या ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर न करें।
उन्होंने साफ किया कि उनके द्वारा किसी से पैसे की मांग नहीं की जा रही है। ऐसे में उनके नाम से आने वाले आर्थिक मदद या ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े संदेशों को नजरअंदाज किया जाए।
- एक दिन में दो भाजपा नेताओं के फोन हैक होने से चिंता
मामले ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे पहले शनिवार को भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का फोन हैक होने की जानकारी सामने आई थी। अब इसके बाद पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का मोबाइल हैक होने और उनके परिचितों से पैसे मांगने की घटना ने साइबर सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार दो भाजपा नेताओं के मोबाइल हैक होने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज है। सवाल उठ रहा है कि क्या साइबर ठग प्रभावशाली लोगों के संपर्कों का फायदा उठाकर उनके परिचितों को आर्थिक ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
परिचित नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो पहले करें पुष्टि साइबर ठग भरोसे को हथियार बनाकर ठगी का नया तरीका अपना रहे हैं। किसी परिचित व्यक्ति के नाम या नंबर से अचानक पैसे मांगने का मैसेज आने पर बिना पुष्टि रकम भेजना भारी पड़ सकता है। ऐसे संदेश मिलने पर संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन या दूसरे माध्यम से संपर्क कर पुष्टि करना जरूरी है। गरियाबंद में एक के बाद एक सामने आए इन मामलों ने साफ कर दिया है कि साइबर ठग अब पहचान और भरोसे की आड़ में लोगों तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक छोटी सी सावधानी हजारों रुपए की ठगी से बचा सकती है।
